2 साल में 93 हजार से ज्यादा महिलाएं लापता, 67,500 को ढूंढा गया : महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 01:02 AM

over 93 000 women went missing in maharashtra in two years 67 500 were found

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को सूचित किया कि पिछले दो वर्षों में पूरे राज्य में 93,000 से अधिक महिलाओं के लापता होने की सूचना मिली है, जिनमें से लगभग 67,500 को अब तक सफलतापूर्वक खोज लिया गया है।

नेशनल डेस्कः महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को सूचित किया कि पिछले दो वर्षों में पूरे राज्य में 93,000 से अधिक महिलाओं के लापता होने की सूचना मिली है, जिनमें से लगभग 67,500 को अब तक सफलतापूर्वक खोज लिया गया है। 

विधायकों के एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने वर्ष 2024 और 2025 के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 45,662 महिलाएं लापता हुई थीं, जिनमें से 30,877 का पता लगा लिया गया है। वर्ष 2025 में लापता महिलाओं की संख्या बढ़कर 48,278 हो गई, जिनमें से 36,581 को अब तक खोजा जा चुका है। 

इन आंकड़ों से नाबालिगों के संबंध में भी चिंताएं सामने आयी है। वर्ष 2024 में 11,313 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं, जबकि 2025 में यह संख्या 12,113 रही। अधिकारियों ने 2024 के मामलों में से 8,475 और 2025 के मामलों में से 10,295 लड़कियों का पता लगा लिया है। 

वर्ष 2024 और 2025 के बीच मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों से 15 से 18 वर्ष की आयु के कुल 4,989 किशोर लापता हुए। इनमें से 4,813 (लगभग 96 प्रतिशत) मिल गए हैं। सरकार ने सदन को सूचित किया कि उसने जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 के बीच‘ऑपरेशन मुस्कान'के 13 चरण संचालित किए हैं, जिसके दौरान 41,193 नाबालिगों को बचाया गया या उनके परिवारों से मिलाया गया। वर्तमान में 14वां चरण चल रहा है और 16 फरवरी तक अधिकारियों ने 454 लड़कों और 947 लड़कियों सहित 1,401 नाबालिगों का पता लगाया है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लापता और असुरक्षित महिलाओं एवं बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए 20 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक‘ऑपरेशन मुस्कान'लागू किया जा रहा है। तस्करी और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए रेलवे इकाइयों को छोड़कर सभी पुलिस प्रभागों में मानव तस्करी विरोधी सेल स्थापित किए गए हैं। राज्य भर में उत्पीड़न को रोकने और बाल सुरक्षा बढ़ाने के लिए‘पुलिस काका'और‘पुलिस दीदी'जैसे जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। 

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