Edited By Radhika,Updated: 14 Jan, 2026 04:40 PM

गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह मामला गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा दायर उस आपराधिक मानहानि केस से जुड़ा है, जो 2023 में...
नेशनल डेस्क: गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह मामला गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा दायर उस आपराधिक मानहानि केस से जुड़ा है, जो 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद दर्ज हुआ था।
न्यायमूर्ति एम.आर. मेंगडे ने कोर्ट में अपना फैसला सुनाते हुए संक्षिप्त रूप से कहा, "आवेदन खारिज किए जाते हैं।" इससे पहले कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याचिकाकर्ताओं ने रखी ये मांग?
केजरीवाल और संजय सिंह ने सेशंस कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी 'रिवीजन' याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। यहां पर अरविंद केजरीवाल का तर्क था कि चूंकि दोनों नेताओं ने अलग-अलग तारीखों पर बयान दिए और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स भी अलग हैं, इसलिए सबूतों को साझा नहीं माना जाना चाहिए और उनका मुकदमा अलग-अलग चलना चाहिए। वहीं संजय सिंह ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि इस मामले में कोई आपराधिक साजिश या साझा इरादा साबित नहीं होता है।

अदालत का रुख
Session Court ने पहले ही साफ कर दिया था कि दोनों नेताओं की टिप्पणियां 'कार्य की निरंतरता' (Continuity of action) को दर्शाती हैं। CrPC की धारा 223 (a) के तहत, यदि अपराध एक ही लेन-देन या घटनाक्रम के दौरान किए गए हों, तो आरोपियों का 'संयुक्त ट्रायल' चलाया जा सकता है। हाई कोर्ट ने भी इसी कानूनी आधार को बरकरार रखते हुए याचिकाओं को आधारहीन पाया। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब गुजरात यूनिवर्सिटी ने मेट्रोपोलिटन कोर्ट में शिकायत की थी कि नेताओं के बयानों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।