Edited By Radhika,Updated: 04 Apr, 2026 11:43 AM

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार को राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। मरुधरा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि...
नेशनल डेस्क: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार को राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। मरुधरा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि सड़कें और खेत कुछ ही मिनटों में कश्मीर की वादियों की तरह सफेद नजर आने लगे।
इन जिलों में मचा हाहाकार
जयपुर के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में ओलों की मार ने भारी तबाही मचाई है। तेज अंधड़ और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। चूरू के सरदारशहर में आई भीषण धूल भरी आंधी ने दिन में ही अंधेरा कर दिया।
<
>
किसानों की बढ़ी धड़कनें
खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों और मंडियों में खुले में पड़े अनाज को इस ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुँचा है। सीकर और नागौर में भी फसलों के बर्बाद होने की खबरें आ रही हैं। IMD ने चेतावनी दी है कि 4 अप्रैल को भी अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग सहित शेखावाटी में ओलावृष्टि और आंधी का दौर जारी रह सकता है।
7 अप्रैल को फिर आएगा नया विक्षोभ
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी। 7 अप्रैल से एक और 'मजबूत पश्चिमी विक्षोभ' सक्रिय होने वाला है, जिससे दोबारा तेज बारिश और आंधी की संभावना है। विभाग ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने की सख्त सलाह दी है।