आरक्षण की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे मनोज जरांगे की तबीयत बिगड़ी, कहा- रद्द हो सकता है मुंबई दौरा

Edited By Updated: 16 Sep, 2026 12:51 PM

health deteriorating due to hunger strike mumbai visit may be cancelled jarange

मुंबई कूच कर रहे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को कहा कि लंबी यात्रा और अनशन जारी रहने की वजह से स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका यह दौरा रद्द हो सकता है। जालना के अंतरवाली सराटी से रवाना होने के लगभग 14 घंटे बाद जरांगे पूर्वाह्न करीब...

बीड : मुंबई कूच कर रहे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को कहा कि लंबी यात्रा और अनशन जारी रहने की वजह से स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका यह दौरा रद्द हो सकता है। जालना के अंतरवाली सराटी से रवाना होने के लगभग 14 घंटे बाद जरांगे पूर्वाह्न करीब 11 बजे महाराष्ट्र के बीड जिले के पाटोदा पहुंचे जहां उन्होंने एक सभा को संबोधित भी किया। 

मराठा कार्यकर्ता ने कहा कि उनके पेट और पैरों में तेज जलन हो रही है। उन्होंने कहा, 'अगर मैं इलाज कराता हूं तो सरकार पूरी तरह से बेफिक्र हो जाती है और अगर इलाज रोक दूं तो वे तनाव में आ जाते हैं। मुंबई का यह दौरा मेरी सेहत पर असर डाल रहा है। स्वस्थ रहने पर तो मैं यात्रा जारी रख सकता हूं, लेकिन अनशन जारी रहने के बीच इतनी लंबी यात्रा सही नहीं है। अगर कोई विकल्प नहीं बचा तो यह दौरा रद्द भी किया जा सकता है।' 

इससे पहले मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए जरांगे को आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जरांगे कुनबी जाति वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से अनशन कर रहे हैं। अनुमति न मिलने के बावजूद, जरांगे मंगलवार को कारों के काफिले के साथ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रवाना हुए, जहां रास्ते में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनका समर्थन किया। 

उन्होंने बुधवार को पाटोदा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'आरक्षण इस दौरे से अधिक महत्वपूर्ण है। पेट और पैरों में जलन की वजह से अब यह कूच असंभव लग रहा है।' जरांगे ने अपने समर्थकों से उन्हें अकेले मुंबई जाने देने की भी अपील की। उन्होंने कहा, 'पाटोदा से कोई भी वाहन मेरे पीछे नहीं आना चाहिए। कृपया मुझे अकेले जाने दें। यदि लोग मेरे पीछे आते रहे तो मैं अपना रास्ता बदलकर मुंबई जाऊंगा और केवल पुलिस को सूचित करूंगा। अगर मुझे मुंबई में प्रवेश करने से रोका गया, तब आप सभी आ सकते हैं।' 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार द्वारा किसी भी दबाव की रणनीति को बर्दाश्त न करने का संकेत देते हुए मंगलवार को कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन के समय पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई 'कानूनी रूप से वैध' 13 मांगों में से 12 को स्वीकार कर लिया है। मौजूदा योजना के अनुसार जरांगे का काफिला बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा, जो 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा। 

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