Edited By Mansa Devi,Updated: 20 Feb, 2026 06:17 PM

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक एक कम दबाव प्रणाली के असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले 21 और 22 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है।
नेशनल डेस्क: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक एक कम दबाव प्रणाली के असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले 21 और 22 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 21 और 22 फरवरी को Tamil Nadu, Kerala और माहे के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 20 फरवरी को Andaman and Nicobar Islands में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 21 से 24 फरवरी के बीच Karnataka के दक्षिण आंतरिक और तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 22 फरवरी को Uttarakhand में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 23 फरवरी को विदर्भ क्षेत्र और 23-24 फरवरी के दौरान Chhattisgarh तथा Odisha में गरज के साथ वर्षा की संभावना है। वहीं Jammu and Kashmir और Himachal Pradesh में हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगा तापमान
अगले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है। हालांकि न्यूनतम तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। Maharashtra और Gujarat में शुरुआती दिनों में तापमान स्थिर रह सकता है, जबकि सप्ताह के अंत में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में
राष्ट्रीय राजधानी Delhi में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 203 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। Central Pollution Control Board के मुताबिक शहर के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता इसी श्रेणी में बनी रही। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन फिलहाल प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है।