Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 May, 2026 02:42 PM

LPG Gas Tanker: मीडिल ईस्ट टेंशन के बीच भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Strait of Hormuz में बाधित जहाजों की आवाजाही के बीच ‘सर्व शक्ति’ नाम का एक बड़ा गैस टैंकर हजारों टन LPG लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि इसके सुरक्षित...
LPG Gas Tanker: मीडिल ईस्ट टेंशन के बीच भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Strait of Hormuz में बाधित जहाजों की आवाजाही के बीच ‘सर्व शक्ति’ नाम का एक बड़ा गैस टैंकर हजारों टन LPG लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि इसके सुरक्षित पहुंचने से देश में LPG की कमी काफी हद तक कम हो सकती है।
45,000 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आ रहा टैंकर
यह टैंकर करीब 45,000 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करने की तैयारी में है। बता दें कि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस का उपयोग भारत में मुख्य रूप से घरेलू रसोई ईंधन के रूप में होता है। मौजूदा हालात में, जब Strait of Hormuz में अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान से जुड़े तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है, ऐसे समय में इस टैंकर का भारत आन बेहत राहत की उम्मीद जगा दी है।
शिपिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज ईरान के पास स्थित द्वीपों के करीब से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है और आगे भारत पहुंचने का संकेत दे रहा है। जहाज पर भारतीय क्रू की मौजूदगी को भी सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
भारत से जुड़ा पहला सफल गैस शिपमेंट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गैस कार्गो का खरीदार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) है, हालांकि कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अगर यह टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लेता है, तो हालिया तनाव के बाद यह भारत से जुड़ा पहला सफल गैस शिपमेंट होगा।
भारत में LPG को लेकर कैसे है हालात?
Middle East से Supply disruption होने के कारण भारत में LPG की कमी देखने को मिल रही है। कई इलाकों में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। बंदरगाहों को निर्देश दिए गए हैं कि LPG टैंकरों को प्राथमिकता दी जाए और घरेलू उत्पादन को भी बढ़ाया गया है। सरकार के अनुसार, देश में LPG उत्पादन बढ़ाकर लगभग 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। साथ ही खपत में भी कुछ कमी आई है, जिससे स्थिति को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, क्षेत्र में अभी भी खतरे बने हुए हैं। पहले भी कुछ जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा था और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसके बावजूद भारत ने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए कई टैंकरों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सर्व शक्ति’ की यह यात्रा केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो इससे ऊर्जा संकट से जूझ रहे कई देशों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।