मुफ्त बस यात्रा योजना का उद्घाटन करने गईं मंत्री पर गिरी गर्म खीर, वीडियो वायरल

Edited By Updated: 15 Jun, 2026 08:29 PM

hot kheer falls on minister who went to inaugurate free bus travel scheme

कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करते हुए महिलाओं के लिए बस में मुफ्त यात्रा की योजना सोमवार को शुरू की, इस दौरान बड़ा हादसा होते- होते बज गया। दरअसल, मुफ्त बस यात्रा योजना का उद्घाटन करने गईं...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करते हुए महिलाओं के लिए बस में मुफ्त यात्रा की योजना सोमवार को शुरू की, इस दौरान बड़ा हादसा होते- होते बज गया। दरअसल, मुफ्त बस यात्रा योजना का उद्घाटन करने गईं महिला और बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णा पर गर्म खीर गिर गई। इस दौरान अफरा- तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि बस में इतनी भीड़ हो गई कि धक्का मुक्की की वजह से मंत्री पर खीर गिर गई। जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 

मुख्यमंत्री वी डी सतीशन बोले ये निर्णायक कदम
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने नए केरल के निर्माण की दिशा में ''एक निर्णायक कदम'' बताया। विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने यह कहते हुए उद्घाटन का बहिष्कार किया कि यह योजना केवल साधारण केएसआरटीसी सेवाओं तक सीमित रखी गई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यूडीएफ पर अपना वादा पूरी तरह लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस शासित सभी राज्यों में ये योजना लागू 
'प्रियदर्शिनी' योजना की शुरुआत के साथ केरल, कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना सहित अन्य उन दक्षिणी राज्यों में शामिल हो गया, जो महिलाओं को बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा दे रहे हैं। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी महिलाओं को इसी तरह की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री सतीशन ने यहां थम्पानूर स्थित केएसआरटीसी बस टर्मिनल पर योजना का उद्घाटन किया और इसे सरकार के लिए गर्व का क्षण बताया। 

रोडवेज बसों में महिलाएं और ट्रांसजेंडर को मिलेगी ये सुविधा 
यूडीएफ सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर यह वादा पूरा कर दिखाया। इस योजना के तहत राज्यभर की साधारण रोडवेज बसों में महिलाएं और ट्रांसजेंडर मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। डिपो में दीप प्रज्वलित कर इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक प्रभाव वाला एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम है। उन्होंने कहा, ''हजारों महिलाएं हर रोज काम पर जाने, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कार्यालय और अन्य जरूरतों के लिए केएसआरटीसी बसों पर निर्भर हैं। यह योजना उनकी वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।'

सालाना करीब 800 करोड़ रुपये देगी सरकार 
सतीशन ने कहा कि सरकार योजना के क्रियान्वयन के लिए केएसआरटीसी को सालाना करीब 800 करोड़ रुपये देगी और यह भी कहा कि इससे राज्य परिवहन निगम पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''महिलाएं अब सम्मान और आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर सकती हैं। वे गर्व से कह सकती हैं कि यह उनकी अपनी सरकार की बस सेवा है।'' परिवहन मंत्री सी.पी जॉन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को और अधिक लोकतांत्रिक बनाना व सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना है। 

लोग बोले ये महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने महिला यात्रियों के साथ बस में थम्पानूर से सचिवालय तक का सफर किया। मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री के साथ अगली सीट पर बैठकर हाथ हिलाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का अभिवादन करते नजर आए। इस मौके पर, कई महिलाओं ने कहा कि इस योजना से उन्हें हर महीने 2,000 से 3,000 रुपये तक की बचत होगी। उनका मानना है कि अब यह राशि घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा या बचत के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी। कोच्चि की एक स्कूल शिक्षिका ने इस योजना की शुरुआत को महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम बताया।

 क्या पुरुषों को भी ऐसी ही सुविधा नहीं मिलनी चाहिए?   कुछ लोगों ने सवाल उठाए
हालांकि, उन्होंने इसके मूल विचार को लेकर कुछ सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा, ''मैं खुश हूं, लेकिन वैचारिक रूप से पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूं। मैं समानता में विश्वास करती हूं। क्या पुरुषों को भी ऐसी ही सुविधा नहीं मिलनी चाहिए?'' तिरुवनंतपुरम में एक गांव से रोजाना वेल्लायंबलम स्थित आवासीय सोसाइटी में घरेलू सहायिका के तौर पर काम के लिए जाने वाली एक बुजुर्ग महिला इस योजना से बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि बस का किराया नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''मैं वर्षों से रोज यात्रा का किराया देती आ रही हूं। अब वह पैसा बचा सकूंगी।''

मुफ्त बस यात्रा से लोगों में खुशी की लहर 
 कोट्टायम की एक कॉलेज छात्रा ने कहा कि वह राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से बेहद खुश है। कन्नूर जिले के कूथुपरम्बा की 70 वर्षीय एक महिला ने कहा, ''अब मुझे मंदिर जाने के लिए सिर्फ बस का टिकट खरीदने के वास्ते किसी से रुपये मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।'' तिरुवनंतपुरम की एक निजी बैंक कर्मचारी ने कहा कि वह वर्षों से कार्यालय आने-जाने के लिए रोडवेज बसों पर निर्भर हैं। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, ''महिलाओं का विकास किसी भी विकसित समाज का एक महत्वपूर्ण पैमाना होता है। इस दृष्टि से यह फैसला सराहना के योग्य है।

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