Edited By Mansa Devi,Updated: 13 Oct, 2025 11:22 AM

बिना तैयारी के पर्सनल लोन लेना परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर लोन आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो न केवल आपकी योजना में देरी होती है, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि बैंक और फिनटेक कंपनियां किन...
नेशनल डेस्क: बिना तैयारी के पर्सनल लोन लेना परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर लोन आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो न केवल आपकी योजना में देरी होती है, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि बैंक और फिनटेक कंपनियां किन मानकों पर ध्यान देती हैं।
आय और सैलरी का आंकलन
बैंक यह देखता है कि आवेदक की आय नियमित और पर्याप्त है या नहीं। जितनी मजबूत आय होगी, लोन मंजूरी की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। नौकरीपेशा आवेदकों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे पिछले 1-2 साल से एक ही कंपनी में कार्यरत हों। स्वरोजगार (Self-employed) लोगों को अपनी आय प्रमाणित करने के लिए वित्तीय रिपोर्ट और टैक्स रिटर्न प्रस्तुत करने होते हैं।
क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट स्कोर लोन मंजूरी में सबसे अहम भूमिका निभाता है। 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। यह स्कोर बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन समय पर चुकाए हैं या नहीं। डिफॉल्ट, लेट पेमेंट या बार-बार लोन आवेदन करने वाले आवेदकों को मंजूरी मिलने में कठिनाई हो सकती है। अपने स्कोर को नियमित जांचना और किसी गलती को सुधारना जरूरी है।
वर्तमान कर्ज और देनदारियां
लोन देने से पहले बैंक आपके Debt-to-Income Ratio (DTI) को देखता है। यह बताता है कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है। अगर 40-50% से अधिक आय EMI में खर्च हो रही है, तो नए लोन की संभावना कम हो जाती है। पुराने कर्ज चुकाना या लोन को कंसॉलिडेट करना (एकजुट करना) फायदेमंद साबित हो सकता है।
उम्र और चुकाने की क्षमता
आवेदक की उम्र भी लोन मंजूरी में अहम होती है। कम उम्र वाले आवेदक जिन्हें कई सालों की कमाई का मौका है, बैंक के लिए कम जोखिम माने जाते हैं। हालांकि बहुत कम उम्र में फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड न होने से मुश्किल हो सकती है। अधिकतर बैंक 21 से 60 साल के बीच के आवेदकों को लोन के लिए उपयुक्त मानते हैं। लोन अवधि आमतौर पर रिटायरमेंट उम्र तक तय की जाती है।
नियोक्ता और प्रोफाइल
आप किस कंपनी में काम करते हैं, यह भी लोन मंजूरी पर असर डालता है। प्रतिष्ठित और स्थिर कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की एप्लिकेशन जल्दी मंजूर होती है। इसके अलावा पेशेवर डिग्री वाले या रेग्युलेटेड प्रोफेशन (जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, CA) वाले आवेदक बैंक के लिए अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं।