Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 Mar, 2026 10:33 AM

सऊदी अरब से लेकर मालदीव तक कई देशों में धार्मिक और सांस्कृतिक वजहों से शराब पर पूरी तरह पाबंदी है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इन देशों की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन (Tourism) से आता है। विदेशी सैलानियों को खुश रखने और टूरिज्म को बढ़ावा...
Alcohol Ban : सऊदी अरब से लेकर मालदीव तक कई देशों में धार्मिक और सांस्कृतिक वजहों से शराब पर पूरी तरह पाबंदी है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इन देशों की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन (Tourism) से आता है। विदेशी सैलानियों को खुश रखने और टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इन सरकारों ने पाबंदियों के बीच भी कुछ ऐसी ढील दी है जो आपको हैरान कर देगी। आइए जानते हैं कि इन नो-अल्कोहल देशों में सैलानियों को शराब कैसे नसीब होती है:
1. मालदीव: प्राइवेट आईलैंड पर सब जायज
मालदीव एक कट्टर इस्लामिक देश है जहां स्थानीय लोगों के लिए शराब छूना भी गुनाह है लेकिन यहां का नियम बड़ा निराला है। अगर आप किसी प्राइवेट आईलैंड रिजॉर्ट में ठहरे हैं तो वहां खुलकर शराब परोसी जाती है। 'लाइवबोर्ड' नाम की लग्जरी बोट्स पर भी बार की सुविधा होती है। राजधानी माले या उन आईलैंड्स पर जहां स्थानीय लोग रहते हैं वहां शराब पीना जेल की हवा खिला सकता है। एयरपोर्ट पर भी आपकी बोतलें जब्त कर ली जाती हैं।

2. सऊदी अरब: विजन 2030 के साथ बदलती हवा
सऊदी अरब में शराबबंदी के नियम दुनिया में सबसे सख्त रहे हैं लेकिन अब यहां बदलाव की आहट है। सरकार अपने नए लग्जरी टूरिस्ट प्रोजेक्ट्स और 5-स्टार होटलों में गैर-मुस्लिम पर्यटकों के लिए शराब की अनुमति देने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि यह छूट सिर्फ खास इलाकों तक ही सीमित रहेगी।
3. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): लाइसेंस का खेल
यूएई ने पर्यटन के मामले में दुनिया को पीछे छोड़ने के लिए 2020 में अपने नियमों को काफी लचीला बना दिया:
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दुबई और अबू धाबी: यहां लाइसेंस वाले होटलों और रेस्टोरेंट्स में शराब पीना बिल्कुल कानूनी है।
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शारजाह का अपवाद: यूएई का शारजाह अभी भी पूरी तरह ड्राई है। यहाँ सार्वजनिक रूप से शराब पीना बड़ा अपराध माना जाता है।

4. ब्रुनेई: अपना कोटा साथ लाओ
इस देश में शराब की बिक्री और सार्वजनिक सेवन पर पत्थर की लकीर जैसा बैन है लेकिन विदेशी सैलानियों के लिए एक अनोखा नियम है:

5. पाकिस्तान और ईरान: माइनॉरिटी कार्ड
इन देशों में मुस्लिमों के लिए शराब जहर के समान प्रतिबंधित है लेकिन पाकिस्तान में कुछ लाइसेंस प्राप्त होटलों में गैर-मुस्लिमों और विदेशियों को शराब परोसी जाती है। यहां भी गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को निजी तौर पर शराब रखने की थोड़ी छूट है लेकिन पब्लिक में इसका प्रदर्शन भारी जुर्माना या सजा दिला सकता है।