Edited By Mansa Devi,Updated: 27 Feb, 2026 06:03 PM

कई लोग सोचते हैं कि अगर वे हफ्ते में सिर्फ एक बार शराब पीते हैं तो इससे सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ता। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभार की गई ड्रिंकिंग भी शरीर को प्रभावित कर सकती है। इसका असर व्यक्ति की उम्र, शारीरिक स्थिति,...
नेशनल डेस्क: कई लोग सोचते हैं कि अगर वे हफ्ते में सिर्फ एक बार शराब पीते हैं तो इससे सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ता। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभार की गई ड्रिंकिंग भी शरीर को प्रभावित कर सकती है। इसका असर व्यक्ति की उम्र, शारीरिक स्थिति, जीवनशैली और पीने की मात्रा पर निर्भर करता है। एक हेल्थ पॉडकास्ट में बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति दो बियर पीता है और साथ में स्नैक्स लेता है, तो वह लगभग 1200 कैलोरी तक ले सकता है। जबकि औसतन एक व्यक्ति को पूरे दिन में लगभग 1600 कैलोरी की जरूरत होती है। ऐसे में हफ्ते भर में बचाई गई कैलोरी एक दिन में ही बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अंबाला स्थित पूजा सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक के डॉ. दीपक सहोता के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में लगभग 60 मिलीलीटर तक सीमित मात्रा में शराब लेता है, तो ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए यह अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जा सकता है। हालांकि वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि “कम मात्रा” का मतलब यह नहीं है कि जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाता है। जरूरत से ज्यादा शराब, भले ही हफ्ते में एक बार ली जाए, शरीर के अहम अंगों पर दबाव डाल सकती है।
बिंज ड्रिंकिंग का खतरा
कम समय में ज्यादा मात्रा में शराब पीना, जिसे बिंज ड्रिंकिंग कहा जाता है, सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे अचानक लिवर पर असर पड़ सकता है, दिल की धड़कन बिगड़ सकती है और गंभीर मामलों में जान का खतरा भी हो सकता है। यह आदत अगर सप्ताह में एक दिन भी दोहराई जाए तो शरीर का संतुलन बिगाड़ सकती है।
लिवर और किडनी पर प्रभाव
लिवर का मुख्य काम शराब को तोड़ना है। नियमित रूप से या हफ्ते में एक बार भी शराब लेने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय में फैटी लिवर या अन्य लिवर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। शराब शरीर को डिहाइड्रेट करती है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, खासकर तब जब पर्याप्त पानी न पिया जाए।
हार्ट और ब्लड प्रेशर पर असर
शराब दिल और रक्तचाप पर भी असर डालती है। यह ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है और दिल की धड़कन को अनियमित कर सकती है। अगर शराब के साथ धूम्रपान भी किया जाए तो हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
नींद की गुणवत्ता पर प्रभाव
शराब पीने के बाद नींद जल्दी आ सकती है, लेकिन यह गहरी और सुकून भरी नींद नहीं होती। अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस हो सकती है। लगातार खराब नींद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक असर डालती है।
पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
अधिक मात्रा में शराब लेने से एसिडिटी, सीने में जलन और गैस की समस्या बढ़ सकती है। गंभीर स्थिति में आंतों में सूजन या ब्लीडिंग जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
किन लोगों को बिल्कुल परहेज करना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं, लिवर या हृदय रोग से पीड़ित लोगों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों, कुछ खास दवाएं लेने वालों और वाहन चलाने वालों को शराब से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या पाचन संबंधी समस्या है, उनके लिए भी शराब नुकसानदायक हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शराब को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना सही नहीं है। अगर कोई व्यक्ति पीना ही चाहता है, तो उसे मात्रा सीमित रखनी चाहिए और अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।