Edited By Anu Malhotra,Updated: 26 Feb, 2026 09:15 AM

भारतीय पोल्ट्री उद्योग के लिए सऊदी अरब से एक बड़ी और चुनौतीपूर्ण खबर सामने आई है। सऊदी अरब की फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत सहित दुनिया के 40 देशों से कच्चे चिकन और अंडों के आयात पर...
Full Ban Raw Chicken/Eggs: भारतीय पोल्ट्री उद्योग के लिए सऊदी अरब से एक बड़ी और चुनौतीपूर्ण खबर सामने आई है। सऊदी अरब की फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत सहित दुनिया के 40 देशों से कच्चे चिकन और अंडों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध (Full Ban) लगा दिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे वैश्विक पोल्ट्री बाजार में बड़ी हलचल पैदा हो गई है।
बैन के पीछे का मुख्य कारण
सऊदी अरब के इस कड़े कदम के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में तेजी से फैल रहा बर्ड फ्लू (Avian Influenza - H5N1) और न्यूकैसल डिजीज (Newcastle Disease) है। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि इन वायरस के खतरे को देखते हुए एहतियात बरतना जरूरी है। SFDA वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्टों और जोखिमों की निरंतर निगरानी कर रहा है, और यह प्रतिबंध उसी सुरक्षा रणनीति का एक हिस्सा है।
किन देशों पर हुई कार्रवाई?
सऊदी अरब ने आयात नियमों को दो श्रेणियों में विभाजित किया है:
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पूर्ण प्रतिबंध (40 देश): भारत के अलावा इस सूची में चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे 40 देश शामिल हैं। इन देशों से अब किसी भी तरह का कच्चा पोल्ट्री उत्पाद सऊदी नहीं जा सकेगा।
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आंशिक प्रतिबंध (16 देश): अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली और कनाडा जैसे 16 देशों पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है। यानी इन देशों के केवल उन खास शहरों या राज्यों से आयात रोका गया है जहाँ बर्ड फ्लू के मामले सक्रिय हैं।
निर्यातकों के लिए थोड़ी राहत की बात
हालांकि ताजे और कच्चे उत्पादों पर रोक है, लेकिन हीट-ट्रीटेड (Heat-Treated) उत्पादों को इसमें छूट दी गई है। ऐसे पोल्ट्री उत्पाद जिन्हें एक निश्चित उच्च तापमान पर प्रोसेस किया गया है (जिससे वायरस नष्ट हो जाते हैं), उनका निर्यात जारी रह सकता है। इसके लिए निर्यातक देश को एक आधिकारिक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देना होगा जो यह पुष्टि करे कि उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित है।
भारतीय बाजार और निर्यातकों पर प्रभाव
सऊदी अरब भारतीय अंडों और चिकन के लिए एक प्रमुख विदेशी बाजार रहा है। इस प्रतिबंध से भारतीय निर्यातकों के रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ेगा।
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घरेलू बाजार: निर्यात रुकने से देश के भीतर चिकन और अंडों की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे घरेलू कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है।
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नए विकल्प: भारतीय निर्यातकों को अब ओमान, कतर और अफ्रीकी देशों जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा।
सऊदी अरब इस लिस्ट की समय-समय पर समीक्षा करता है। यदि भारत भविष्य में खुद को 'बर्ड फ्लू मुक्त' प्रमाणित करने में सफल रहता है, तो यह प्रतिबंध हटाया भी जा सकता है।