Edited By Rohini Oberoi,Updated: 03 Jul, 2026 12:48 PM

बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2022 में 11 वर्षीय एक मासूम बच्चे का यौन उत्पीड़न (कुकर्म) करने के जुर्म में एक मदरसा शिक्षक को 20 साल के कठोर कारावास...
Hyderabad Madrasa Case : बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2022 में 11 वर्षीय एक मासूम बच्चे का यौन उत्पीड़न (कुकर्म) करने के जुर्म में एक मदरसा शिक्षक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं बालापुर थाने में 23 मार्च 2022 को एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उसका 11 वर्षीय बेटा शाहीन नगर स्थित मदरसा जामिया नूरुल अनवर में नियमित रूप से पढ़ने जाता था लेकिन शिकायतकर्ता ने देखा कि उसका बेटा एक सप्ताह से मदरसा नहीं जा रहा था और काफी परेशान दिख रहा था तो उसने उससे इसकी वजह पूछी।
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पुलिस द्वारा देर रात जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार बच्चे ने अपने पिता को बताया कि उसके मदरसे का शिक्षक सैयद नदीम (22) लगभग एक महीने पहले उसे जबरदस्ती अपने घर लेकर गया जहां उसने उसके कपड़े उतारे और उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पीड़ित को धमकी भी दी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे मार डालेगा।
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शहर पुलिस की जांच और मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने आरोपी सैयद नदीम को दोषी ठहराया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।