Edited By Pardeep,Updated: 28 Oct, 2026 01:15 AM

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पर जल संकट का भारी खतरा मंडरा रहा है। कम बारिश, गिरते भूजल स्तर और सूखते बोरवेलों के कारण शहर में पानी की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है।
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पर जल संकट का भारी खतरा मंडरा रहा है। कम बारिश, गिरते भूजल स्तर और सूखते बोरवेलों के कारण शहर में पानी की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWSSB) के अनुसार, शहर को पानी आपूर्ति करने वाले मुख्य सिंगूर और मंजीरा जलाशयों में बचा पानी केवल 15 दिसंबर तक चलने की उम्मीद है। इसके चलते जल बोर्ड ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।
फर्श धोने और ओवरफ्लो पर 2.5 लाख का जुर्माना; 'पैराडाइज होटल' पर गिरी गाज
जल बोर्ड को पिछले दो हफ्तों के दौरान पानी की बर्बादी से जुड़ी 50 शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए कुल 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें फर्श धोने की 17, अवैध मोटर लगाने की 10, सम्प ओवरफ्लो की 8 और ओवरहेड टैंक ओवरफ्लो की 4 शिकायतें शामिल हैं।
नियमों के तहत पानी बर्बाद करने वालों पर 5,000 से लेकर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खैराबाद जोन के डिवीजन 16 के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पीने का पानी बर्बाद करने पर मशहूर 'पैराडाइज होटल' पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले वाणिज्यिक संस्थानों के पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
31 अवैध बोरवेल किए गए ध्वस्त; भूजल को बताया 'वाटर बैंक'
कमर्शियल वाटर टैंकरों के लिए अवैध रूप से भूजल निकालने के खिलाफ कार्रवाई करते हुए HYDRAA ने सरकारी जमीन से 31 अवैध बोरवेलों को ध्वस्त कर दिया है। इनमें से थम्मिडीकुंटा से 6 बोरवेल और मधापुर स्थित सुन्नम चेरुवु के पास से 25 बोरवेल हटाए गए हैं।
HMWSSB के प्रबंध निदेशक के. अशोक रेड्डी ने भूजल को 'वाटर बैंक' करार देते हुए कहा कि भूजल को किसी की निजी या असीमित संपत्ति नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगाह किया कि कुछ घरों द्वारा अत्यधिक पानी निकालने से आसपास के पड़ोसियों के लिए पानी का संकट पैदा हो जाएगा।
10,000 वॉलंटियर्स रखेंगे नजर; री-यूज्ड पानी के इस्तेमाल पर जोर
जल संकट से निपटने के लिए बोर्ड कई बड़े कदम उठा रहा है:
- कम्युनिटी मॉनिटरिंग व ऐप: बोर्ड एक मोबाइल ऐप तैयार कर रहा है, जिसके जरिए नागरिक पानी की बर्बादी की फोटो अपलोड कर शिकायत कर सकेंगे। इसके अलावा 10,000 स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
- साइकिल और लाउडस्पीकर से जागरूकता अभियान: अगले 8 महीनों तक साइकिल सवार लाउडस्पीकर के माध्यम से घर-घर जाकर जल संरक्षण का संदेश देंगे, ताकि प्रति व्यक्ति दैनिक खपत में 20 से 25 लीटर की कटौती की जा सके।
- एसटीपी (STP) पानी का इस्तेमाल: निर्माण कार्य, बागवानी और लैंडस्केपिंग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के री-यूज्ड पानी का उपयोग अनिवार्य किया जा रहा है।
- प्राइवेट एसटीपी पर सख्ती: शहर के 700-800 प्राइवेट प्लांट्स के सर्वे में लगभग 70% एसटीपी बंद पाए गए, जिन्हें 30 दिनों के भीतर ठीक कर चालू करने का नोटिस दिया गया है।
- रिवर्स फ्लो पाइपलाइन ट्रायल: जल बोर्ड पुराने पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए कम पानी वाले इलाकों में उल्टी दिशा (रिवर्स डायरेक्शन) से पानी पहुंचाने के लिए ट्रायल रन कर रहा है।