Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Oct, 2026 11:35 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए ट्रक हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000...
ग्वालियर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए ट्रक हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा, "मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से बहुत दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
पोस्ट में आगे कहा गया, "जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।" ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, रविवार को इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। मृतकों में दो महिलाएं, 18 साल से कम उम्र के दो बच्चे और दस पुरुष शामिल हैं। घायलों में से तीन से चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि कई अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
यह हादसा रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुआ। धान से लदा एक ट्रक, जो कथित तौर पर छिनोर की ओर से आ रहा था, एक खड़ी ढलान से उतरते समय अनियंत्रित हो गया और शीतला माता मंदिर के पास मौजूद श्रद्धालुओं से जा टकराया। बताया जा रहा है कि ट्रक बैरिकेड्स और पुलिस चेकपॉइंट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं के ऊपर चढ़ गया और फिर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया।
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के अनुसार, हादसे के बाद 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे। दोनों पुलिसकर्मी घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी घायलों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर जाकर राहत कार्यों में मदद करने का निर्देश दिया है। मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश शुक्ला ने घायलों से मिलने के लिए ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और कहा कि मुख्यमंत्री स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। शुक्ला ने बताया, "मुख्यमंत्री स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए हैं। सरकार घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित कर रही है। मामले की विस्तृत जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
इस हादसे के बाद पीड़ितों के परिवारों में काफी गुस्सा है। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने और बचाव कार्यों में देरी करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में कई घंटे लग गए, जिसकी वजह से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। एक महिला, जिसका बेटा घायल हुआ है, उसने आरोप लगाया कि पुलिस घंटों तक मौके पर नहीं पहुंची।
महिला ने आरोप लगाया, "मेरा बेटा 19 साल का था। पुलिस चार घंटे तक शीतला नहीं पहुंची, मेरे छोटे बेटे के लिए भी नहीं आई। हादसा 12 बजे हुआ था और पुलिस 4 बजे पहुंची।"
एक अन्य परिजन ने घायलों को अस्पताल ले जाने में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर हादसा 2 बजे हुआ था, तो उसे 4 बजे अस्पताल क्यों लाया गया? उन्हें तुरंत अस्पताल लाना चाहिए था, लेकिन इस वजह से बच्चे की जान चली गई।"
दिव्यांश की मां, जिसने इस हादसे में अपने बेटे को खो दिया है, उसने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार वालों को उसे खोजने से रोक दिया था। उन्होंने कहा, "वहाँ मेरी बहू, और मेरे बड़े व छोटे बेटे थे। मुझे सुबह 6 बजे इस बारे में बताया गया। मेरी बेटी उन्हें खोजने गई, लेकिन पुलिस ने उसे जाने नहीं दिया। पुलिस मेरी मदद क्यों नहीं करेगी? आप ही बताइए—अगर आपका अपना बच्चा होता, तो क्या आपको तकलीफ नहीं होती?"।
पोस्टमॉर्टम सेंटर पर भी तनाव बढ़ गया, जहाँ शोक में डूबे परिजनों ने पुलिस से सवाल-जवाब किए। उस समय ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह भी वहाँ पहुँचे थे। परिजनों ने बचाव कार्यों में कथित देरी और दुर्घटना के बाद पीड़ितों के साथ बरते गए बर्ताव को लेकर सवाल उठाए।
इस बीच, जिला प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि नवरात्रि के दौरान सड़क पर लगाए गए बैरिकेड्स और पुलिस चेकपॉइंट को पार करके ट्रक आगे कैसे निकल गया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि प्रशासन ने ट्रक की तकनीकी जाँच करने और दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की एक टीम भेजी है। (ANI)