मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीता हूं : पीएम मोदी

Edited By Updated: 07 Oct, 2026 12:17 PM

i am a person who lives not for ambition but for mission pm modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कभी चुनाव लड़ने के बारे में नहीं सोचा था, क्योंकि बचपन से मिली शिक्षा और संस्कारों ने उन्हें सिखाया है कि वह ऐसे व्यक्ति हैं "जो महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीते...

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कभी चुनाव लड़ने के बारे में नहीं सोचा था, क्योंकि बचपन से मिली शिक्षा और संस्कारों ने उन्हें सिखाया है कि वह ऐसे व्यक्ति हैं "जो महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीते हैं'। उन्होंने कहा कि उनके लिए काम करना 'सिर्फ एक जिम्मेदारी' नहीं, बल्कि 'देश के प्रति समर्पण' है। 

'विकसित भारत संकल्प सभा' ​​को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आज का दिन सिर्फ यादों का दिन नहीं है; यह हमारे संकल्पों में नई ऊर्जा भरने का दिन है। यह उस वादे को दोहराने और उस संकल्प को व्यक्त करने का दिन है जो कहता है, 'हम यह करके रहेंगे!' उन्होंने कहा कि लाल किले से उन्होंने 'सबका प्रयास' की बात की थी और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जरूरी उत्साह और संकल्प बस एक ही संदेश देते हैं, जिसे उन्होंने लोगों से अपने पीछे दोहराने को कहा 'हम यह करके रहेंगे! हम यह करके रहेंगे! 2047 तक विकसित भारत - हम यह करके रहेंगे! टॉप तीन अर्थव्यवस्था - हम यह करके रहेंगे! आत्मनिर्भर भारत - हम यह करके रहेंगे! ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब - हम यह करके रहेंगे! ओलंपिक की मेजबानी - हम यह करके रहेंगे! अंतरिक्ष में कदम बढ़ाना - हम यह करके रहेंगे!' 

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल की लगातार यात्रा को एक उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने कहा, 'लेकिन मैं इसे कैसे देखता हूं? मेरे लिए यह व्यक्तिगत महिमामंडन का मामला नहीं है। 25 साल पहले 50 साल की उम्र में, मैं जंगलों में आदिवासी समुदायों की सेवा कर रहा था, पहाड़ों में अपना जीवन बिता रहा था और भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक रास्ता चुना था। मेरा राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड संगठन में एक कार्यकर्ता का था। मैंने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा था।' 

पीएम मोदी ने कहा कि अगर वह राजनीति में अपनी पहचान बनाना चाहते, तो बहुत पहले चुनावी मैदान में उतर सकते थे; हालांकि, उनका स्वभाव ऐसा नहीं था। उन्होंने आगे कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं जिंदगी में क्या बनूंगा या मेरे साथ क्या होगा क्योंकि बचपन से मिली शिक्षा और संस्कारों ने मुझे सिखाया है कि मैं ऐसा इंसान हूं जो महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीता है।' उन्होंने कहा, 'मुझे जो भी जिम्मेदारियां दी गईं, मैंने उन्हें पूरा किया। मेरी जिंदगी का एकमात्र मकसद देश के लिए निस्वार्थ भाव से काम करना था। मेरे लिए काम ही सब कुछ है; काम ही मेरा कर्तव्य है। गीता ने हमें सिखाया है 'कर्मण्येवाधिकारस्ते' - यानी कर्म पर ही मेरा अधिकार है, और इसलिए मैं कर्म को ही अपना कर्तव्य मानता हूं।' 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरे लिए काम सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं है; यह देश के प्रति मेरा समर्पण है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश ने मुझे मौका दिया, लोगों ने मुझ पर भरोसा किया, हालात ने मुझे सबक सिखाया और इसीलिए मुझे देशवासियों की लगातार सेवा करने का मौका मिल रहा है।' पीएम मोदी ने कहा कि अगर इन 25 सालों का आकलन किया जाए तो यह इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि मैं कहां पहुंचा हूं, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि मेरा देश कितनी दूर तक पहुंचा है।' 

गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे एक मंत्र के साथ काम करते थे, 'गुजरात का विकास ही देश का विकास है।' उन्होंने कहा, 'लेकिन वह दौर चुनौतियों से भरा था। उस समय, न तो मुझे सरकार चलाने का अनुभव था और न ही प्रशासनिक व्यवस्था की ज्यादा जानकारी थी। मेरे पास जो था, वह था लोगों में भरोसा, लोगों की शक्ति पर विश्वास और एक समाज सेवक के तौर पर सालों के काम से मिला अनुभव।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने इसी भरोसे को अपनी ताकत बनाया। मैंने लोगों को साथ लेकर फैसले लिए, लोगों के साथ मिलकर नीतियां बनाईं और लोगों के साथ मिलकर उन्हें लागू किया। लोगों को साथ लेकर मैंने उसी मंत्र का पालन किया और कहा, 'हम यह करेंगे! हम यह जरूर करेंगे!' 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!