Edited By Sanjeev,Updated: 21 Oct, 2026 12:10 PM

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को राहुल गांधी की हालिया विदेश यात्रा के बारे में पूछे जाने पर रूखेपन से जवाब दिया। उनके इस जवाब ने लोकसभा में विपक्ष के नेता की यात्रा योजनाओं और इस विषय पर उनके पार्टी सहयोगियों की चुप्पी को लेकर एक रहस्य पैदा कर...
तिरुवनंतपुरम : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को राहुल गांधी की हालिया विदेश यात्रा के बारे में पूछे जाने पर रूखेपन से जवाब दिया। उनके इस जवाब ने लोकसभा में विपक्ष के नेता की यात्रा योजनाओं और इस विषय पर उनके पार्टी सहयोगियों की चुप्पी को लेकर एक रहस्य पैदा कर दिया है। थरूर ने कहा, 'मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मैं अभी यहीं हूं और ध्यान रहे, हर किसी के अपने-अपने कारण होते हैं।'
थरूर ने यह बात तब कही जब राज्य की राजधानी में पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा; बता दें कि वे लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने नपे-तुले शब्दों के लिए जाने जाने वाले थरूर का यह तीखा जवाब ऐसे समय में आया है, जब राहुल गांधी की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं। कांग्रेस नेता की यात्रा के बारे में कोई स्पष्टीकरण देने के बजाय, थरूर ने इस सवाल से खुद को दूर रखना ही बेहतर समझा। उन्होंने साफ कर दिया कि वे राहुल गांधी की ओर से बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उनका यह कहना कि 'हर किसी के अपने-अपने कारण होते हैं', उनके जवाब को और अधिक अर्थपूर्ण बना देता है। इससे गांधी की यात्रा योजनाओं का सवाल तो अनुत्तरित रह ही गया, साथ ही यह भी पता चला कि राजनीतिक नेताओं के अपने निजी फैसले हो सकते हैं।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर थरूर की ओर सबका ध्यान खींचा है। उनके सार्वजनिक बयानों पर अक्सर करीबी नजर रखी जाती है, क्योंकि इनसे कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनके संबंधों के संकेत मिलते हैं। उनका जवाब संक्षिप्त था, लेकिन इसमें एक स्पष्ट संदेश था कि वे तिरुवनंतपुरम में हैं और केवल अपनी बात रखेंगे; किसी दूसरे नेता की गतिविधियों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं देंगे। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अक्सर अपनी घरेलू और विदेशी यात्राओं को लेकर राजनीतिक चर्चाओं में रहते हैं। ऐसी यात्राएं राजनीतिक विरोधियों के लिए एक मुद्दा बन सकती हैं, खासकर तब जब ये किसी बड़ी राजनीतिक घटना के समय हों या पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती हों।
कांग्रेस के लिए यह कोई नई चुनौती नहीं है। पार्टी के प्रमुख नेताओं की गतिविधियों को लेकर उठने वाले सवाल जल्द ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाते हैं, और हर जवाब के गहरे अर्थ निकाले जाते हैं। हालांकि थरूर ने कोई और स्पष्टीकरण नहीं दिया और अपनी दो पंक्तियों की प्रतिक्रिया को खुद ही अपनी बात कहने के लिए छोड़ दिया। राजनीतिक माहौल में, जहां अक्सर नेताओं से उनके साथियों की ओर से सवालों के जवाब देने की उम्मीद की जाती है, उनका संदेश सीधा था -- राहुल गांधी के पास अपने कारण हैं, और उनके (थरूर के) पास भी अपने कारण हैं।