Edited By Sahil Kumar,Updated: 11 Oct, 2026 01:35 PM

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार को दावा किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले, सादे कपड़ों में आए लोगों ने उन्हें उनके घर से अगवा कर लिया और उन्हें अलग-अलग पुलिस...
नई दिल्लीः यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार को दावा किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले, सादे कपड़ों में आए लोगों ने उन्हें उनके घर से अगवा कर लिया और उन्हें अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया।
राठी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि शनिवार सुबह करीब सात बजे जब वह सो रहे थे, तब सादे कपड़ों में लगभग 20 लोग उनके घर में दाखिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उन्हें यह पूछने का मौका भी नहीं दिया कि वे कौन हैं और वे लोग उन्हें अपने साथ ले गए। राठी ने कहा कि उन्हें अलग-अलग थानों में ले जाया गया और करीब 22-23 घंटे तक उन्हें न तो अपने वकील से संपर्क करने दिया गया और न ही फोन का इस्तेमाल करने दिया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें उनके शयनकक्ष से बाहर ले जाते समय चोटें आईं। उन्होंने आपबीती बताते हुए और घर से ले जाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, मुझे हिरासत में नहीं लिया गया था, मेरा अपहरण किया गया था। अपनी नागरिकता संबंधी अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठी ने वीडियो में अपना पासपोर्ट दिखाया और कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं।
उन्होंने उन दावों को भी खारिज किया कि उनका विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का इरादा नहीं था। राठी को शनिवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठी चिंताओं के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया था।
वीडियो में राठी ने विरोध प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की और स्थिति को अघोषित आपातकाल बताया। उन्होंने कहा कि वह देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। राठी ने यह भी दावा किया कि कुछ लोग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और वह अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।