Edited By Sahil Kumar,Updated: 14 Oct, 2026 12:11 PM

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को केन्द्र सरकार पर देश में 'अघोषित आपातकाल' थोपने का आरोप लगाया और कहा कि जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है तथा प्रदर्शनकारियों को पांच दिन के लिए हिरासत में भेजा...
नागपुरः कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को केन्द्र सरकार पर देश में 'अघोषित आपातकाल' थोपने का आरोप लगाया और कहा कि जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है तथा प्रदर्शनकारियों को पांच दिन के लिए हिरासत में भेजा जा रहा है।
दीपके ने यहां मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि सौरव दास और आशुतोष रांका को अवैध रूप से हिरासत में भेजा गया। उन्होंने सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के लिए 'शहरी नक्सली' शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। सीजेपी को किसी भी राजनीतिक दल से संबद्धता रहित एक स्वतंत्र दबाव समूह बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया'के प्रदर्शन का साझा उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध करना है
उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए लड़ रहा है।' उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों से कथित तौर पर नाम हटाया जाना मुख्य चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल किया, 'यदि लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं होंगे, तो वे मतदान कैसे करेंगे?' उन्होंने पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न स्थानों पर मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने के मामले में उच्चतम न्यायालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
दीपके ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा थोपने के प्रयासों के बावजूद देश में संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के आदर्शों का पालन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है और अन्याय का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़े होने की जरूरत है। सीजेपी का किसी भी राजनीतिक दल से संबंध नहीं होने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि उनके संगठन के लिए अन्य दलों के साथ जुड़ना या अन्य दलों का सीजेपी से जुड़ना जरूरी नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश को प्रभावित करने वाले मुद्दों के खिलाफ सभी को अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उन्हें समर्थन दिया था। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे से आग्रह किया कि उनके पास कोई सबूत है, तो उसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने पेश करें।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसे सबूत मौजूद हैं, तो सरकार को कारर्वाई करनी चाहिए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा कि उन्हें हर मुद्दे में पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को शामिल करने के बजाय राज्य में सूखे की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और आश्वासन दिया कि उनका संगठन किसानों के साथ खड़ा रहेगा।
दीपके ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ ने अंग्रेजों की चापलूसी की थी। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर की ओर से प्रतिपादित सामाजिक न्याय उनके संगठन की विचारधारा का प्रमुख आधार बना हुआ है।