Edited By Sanjeev,Updated: 06 Oct, 2026 02:54 PM

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य भर के पुलिस स्टेशन "कांग्रेस स्टेशन" बन गए हैं। उन्होंने शिवकुमार सरकार पर BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करके उन्हें निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। अन्य...
बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य भर के पुलिस स्टेशन "कांग्रेस स्टेशन" बन गए हैं। उन्होंने शिवकुमार सरकार पर BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करके उन्हें निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। अन्य NDA नेताओं के साथ राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा राज्यपाल के ध्यान में लाया है और सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा, 'मैं, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, पूर्व गृह मंत्री और विधायक अरागा ज्ञानेंद्र, बेंगलुरु के सांसद पी.सी. मोहन, MLC सी.टी. रवि, भोजे गौड़ा, मुनिराजू और परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी समेत अन्य लोगों ने राज्यपाल से मुलाकात की।' अशोक ने आरोप लगाया कि BJP और JD(S) कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना किसी आधार के मामले दर्ज किए जा रहे हैं जिससे उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने सोमवार को चुनाव आयोग से भी मुलाकात की थी और फॉर्म-7 आवेदनों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
अशोक ने कहा, 'कोई भी फॉर्म-7 जमा कर सकता है और जितने चाहे उतने फॉर्म जमा कर सकता है। कानून यही है। जब हमने इस संबंध में चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा... जब हमने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने पुलिस से मामले दर्ज करने को कहा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग ने किसी से ऐसा करने के लिए नहीं कहा था।' उन्होंने आरोप लगाया कि जयनगर के BJP विधायक के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है और दावा किया कि राज्य भर में आपराधिक मामलों के जरिए BJP कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अशोक ने आरोप लगाया, 'यह कांग्रेस की गुंडा संस्कृति को दर्शाता है।'
उन्होंने सरकार पर बड़े पैमाने पर शिकायतें स्वीकार करके और BJP कार्यकर्ताओं को परेशान करके कानून को अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की, 'सरकार को BJP कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के खिलाफ चेतावनी दी जानी चाहिए। सरकार को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।' अशोक ने कहा कि BJP और NDA मजबूत हो रहे हैं और आरोप लगाया कि कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा, 'इसीलिए हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। हमने इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए गवर्नर से मुलाकात की।'
इस बीच कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावदी नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके लोगों में डर पैदा कर रही है जिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए थे। गवर्नर से मिलने के बाद नारायणस्वामी ने कहा कि BJP और JD(S) के नेताओं और चुने हुए प्रतिनिधियों ने सोमवार को मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात की थी और फॉर्म-7 आवेदनों को लेकर कथित भ्रम पर स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने कहा, 'मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है। अगर फॉर्म-7 से जुड़ा कोई मामला है, तो यह चुनाव आयोग और लोगों के बीच का मुद्दा है। यह राज्य सरकार से जुड़ा मामला नहीं है।'
नारायणस्वामी ने कहा कि सिर्फ इसलिए किसी वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया गया है कि फॉर्म-7 का आवेदन जमा किया गया था। उन्होंने कहा, 'फॉर्म-7 जमा होने के बाद एक भी नाम नहीं हटाया गया है। अगर कोई फैसला लेना होगा, तो चुनाव आयोग आवेदनों की जांच करेगा। अगर दस्तावेज सही हैं, तो नाम बना रहेगा, वरना आवेदन खारिज कर दिया जाएगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिस फॉर्म-7 आवेदन जमा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत स्वतः संज्ञान लेकर मामले दर्ज कर रही है।
नारायणस्वामी ने कहा, 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत, अगर कोई अनियमितता होती है, तो चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत मिलने पर ही पुलिस FIR दर्ज कर सकती है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार मामले दर्ज करने के लिए पुलिस विभाग पर दबाव डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया, 'गृह विभाग ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे वह दिन-दहाड़े छाता लेकर चल रहा हो। गृह मंत्री गृह विभाग को संभालने के बजाय अलग-अलग गतिविधियों में शामिल हैं। उन्हें विभाग को संभालना नहीं आता।'
नारायणस्वामी ने आगे आरोप लगाया कि गृह मंत्री को भविष्य में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और दावा किया कि सरकार को अदालत में झटका लगा है। उन्होंने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया, 'किसी भी सरकार ने कभी इस तरह सड़कों पर बैठकर विरोध नहीं किया। उन्होंने कैबिनेट की बैठक टाल दी और चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने जाकर बैठ गए।' नारायणसामी ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने गवर्नर को बताया था कि कांग्रेस सरकार लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गवर्नर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।