Edited By Rohini Oberoi,Updated: 30 Jul, 2026 02:38 PM

भारतीय रेलवे के AC कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अक्सर यात्रियों की यह शिकायत रहती है कि उन्हें मिलने वाले बेडरोल (चादर, तकिया कवर और तौलिया) पर दाग-धब्बे लगे होते हैं। यात्रियों की इसी समस्या का पक्का इलाज खोजने...
Indian Railways : भारतीय रेलवे के AC कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अक्सर यात्रियों की यह शिकायत रहती है कि उन्हें मिलने वाले बेडरोल (चादर, तकिया कवर और तौलिया) पर दाग-धब्बे लगे होते हैं। यात्रियों की इसी समस्या का पक्का इलाज खोजने के लिए रेलवे ने एक हाई-टेक कदम उठाया है। अब आपकी चादर और तौलिए इंसानी आंखों से ही नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों की पैनी नजरों से गुजरने के बाद ही आप तक पहुंचेंगे।
धुलाई के बाद हर एक कपड़े की गुणवत्ता जांचने के लिए रेलवे की मशीनी लॉन्ड्री में AI आधारित कैमरा सिस्टम लगाया जा रहा है। धुलाई के बाद चादरें और तकिया कवर जब बेल्ट से गुजरेंगे तो AI कैमरे उन्हें पूरी तरह स्कैन करेंगे।
अगर कपड़े में कोई मामूली दाग, पीलापन या गंदगी रह जाती है तो AI सिस्टम उसे तुरंत पकड़ लेगा। जिस कपड़े में भी खराबी या दाग पाया जाएगा उसे रिजेक्ट करके दोबारा धोने के लिए भेज दिया जाएगा। सिर्फ 100% साफ कपड़े ही पैक होकर ट्रेन में भेजे जाएंगे।
यह भी पढ़ें: Cylinder Blast: घर में लगी आग बुझा रहे लोगों पर फटा LPG सिलेंडर, 15 साल की बच्ची समेत 10 झुलसे

यात्रियों को हमेशा पूरी तरह साफ, बेदाग और फ्रेश किट मिलेगी। इंसानी जांच के मुकाबले AI कैमरे बहुत कम समय में सैकड़ों कपड़ों की बिल्कुल सटीक चेकिंग कर सकते हैं। लॉन्ड्री स्टाफ की लापरवाही पर पूरी तरह रोक लगेगी जिससे रेलवे की सेवा में सुधार होगा।