Edited By Radhika,Updated: 30 May, 2026 12:47 PM

एलपीजी ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 1 जून से LPG सिलेंडर कनेक्शन को लेकर नियम काफी सख्त होने जा रहे हैं। नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में PNG कनेक्शन चालू है, वहां का LPG सिलेंडर कनेक्शन रद्द किया जा सकता है। देश में मार्च तक करीब...
नेशनल डेस्क: एलपीजी ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 1 जून से LPG सिलेंडर कनेक्शन को लेकर नियम काफी सख्त होने जा रहे हैं। नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में PNG कनेक्शन चालू है, वहां का LPG सिलेंडर कनेक्शन रद्द किया जा सकता है। देश में मार्च तक करीब 6.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। सामने आए आंकड़ों के अनुसार बीते 10 सालों में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या दोगुनी होकर लगभग 33.5 करोड़ पहुंच गई है, जबकि पीएनजी का उपयोग करने वाले महज 1.64 करोड़ ही हैं। कई परिवारों ने पीएनजी लाइन तो ले ली है, लेकिन पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपना रही है।
लागू होगी 'एक परिवार, एक कनेक्शन' नीति
तेल वितरण कंपनियों (OMCs) ने घरेलू सिलेंडरों की जमाखोरी, दुरुपयोग और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। नए और संशोधित नियमों के तहत एक ही एड्रेस पर LPG और PNG दोनों कनेक्शन रखना प्रतिबंधित माना जाएगा। कंपनियों ने अब ऐसे घरों की पहचान करना शुरू कर दिया है जो दोनों सुविधाओं का एक साथ लाभ ले रहे हैं। जिन इलाकों में पीएनजी का ढांचा (Infrastructure) तैयार है, वहां रहने वाले लोगों को तय समय में पीएनजी पर शिफ्ट होना होगा, ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई स्थायी रूप से ब्लॉक या कैंसिल कर दी जाएगी।

30 दिनों के अंदर करना होगा सिरेंडर
नियमों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के घर में पीएनजी चालू हो चुकी है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। हालांकि, सरकार ने इसमें ग्राहकों की सहूलियत का भी ध्यान रखा है। अगर कोई उपभोक्ता भविष्य में किसी ऐसे इलाके या शहर में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी की पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, तो वह अपने पुराने सरेंडर किए गए एलपीजी कनेक्शन को दोबारा एक्टिवेट (बहाल) करवा सकेगा।
जून से नहीं करा सकेंगे सिलेंडर रीफिल
अब उन क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग या रीफिलिंग पूरी तरह से रोक दी जाएगी, जहां पीएनजी पाइपलाइन चालू है। इसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और ओएमसी (OMCs) ने अपने डिजिटल डेटाबेस को आपस में जोड़ लिया है, जिससे दोनों कनेक्शन रखने वालों को आसानी से ट्रैक किया जा सके। इसके साथ ही, पीएनजी नेटवर्क विस्तार की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।
सिलेंडर बुकिंग की Deadline बदली
गैस की किल्लत और दुरुपयोग को रोकने के लिए रीफिल बुकिंग के 'लॉक-इन पीरियड' में भी बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्रों में अब उपभोक्ता 21 दिन के बजाय 25 दिन के अंतराल पर ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के लिए यह समय-सीमा 45 दिनों की तय की गई है।
सब्सिडी और नए कनेक्शन की दरें
सरकार की नीति के तहत परिवारों को सालाना मिलने वाले 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर की व्यवस्था जारी रहेगी। इससे ज्यादा सिलेंडर की जरूरत होने पर कमर्शियल रेट के हिसाब से भुगतान करना होगा। इसके अलावा, जो लोग नया एलपीजी कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें अब Security Deposit और नए सेटअप शुल्क (जिसमें रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप और इंस्टॉलेशन चार्ज शामिल हैं) का भुगतान करना होगा।