चीन के बदले सुरः बोला- भारत ‘खतरा’ नहीं हमारा साझेदार, दोनों देश एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 07:49 PM

india china should stick to right strategic perception of being cooperative

चीन ने कहा है कि भारत और चीन को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि सहयोगी और साझेदार के रूप में देखना चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर हैं। यह बयान रूस के राष्ट्रपति पुतिन की...

Bejing: चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे को प्रतिस्पर्धी या प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी और साझेदार के रूप में देखना चाहिए और दोनों देशों को यह समझना चाहिए कि वे एक-दूसरे के विकास और तरक्की के लिए अवसर हैं, न कि खतरा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने चीन-भारत संबंधों पर की गईं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की टिप्पणियों और दोनों देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखने के लिए रूस के प्रयासों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए यहां संवादादाता सम्मेलन में यह बात कही।

 

पुतिन ने बृहस्पतिवार को पीटीआई समेत दुनिया की प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ हुई बातचीत के दौरान वे टिप्पणियां की थीं। लिन ने कहा कि फिलहाल चीन-भारत सीमा पर स्थिति सामान्य रूप से स्थिर है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे को प्रतिस्पर्धी या प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी और साझेदार के रूप में देखना चाहिए और दोनों देशों को यह समझना चाहिए कि वे एक-दूसरे के विकास और तरक्की के लिए अवसर हैं, न कि खतरा। उन्होंने कहा कि चीन और भारत को इस सोच पर कायम रहना चाहिए कि दोनों देश प्रतिस्पर्धी या प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी साझेदार हैं और दोनों देश एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर हैं, न कि खतरा। पीटीआई समेत दुनिया की प्रमुख समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ व्यापक बातचीत के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, दोनों की प्रशंसा की।

 

उन्होंने कहा कि भारत और चीन के साथ रूस की दशकों पुरानी साझेदारी स्वाभाविक रूप से विकसित हुई हैं और पूरी तरह एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं। पीटीआई के सीईओ और प्रधान संपादक विजय जोशी के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए पुतिन ने कहा, "भारत और चीन के बीच संबंध संवेदनशील और कई पहलुओं पर आधारित हैं, इसलिए उनमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। निश्चित रूप से, हम अपने दोनों मित्रों भारत और चीन के साथ संवाद बनाए रखते हैं।" पुतिन ने कहा, "राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ही आपसी हितों से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं, जिनमें सीमा विवाद भी शामिल है।"  

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