भारत ने  फिर दिखाई दरियादिलीः किर्गिस्तान को दिया BHISHM Cube का बड़ा तोहफा !

Edited By Updated: 28 Apr, 2026 03:24 PM

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भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी “मानवीय ताकत” और तकनीकी क्षमता का दम दिखाया है। Rajnath Singh ने किर्गिस्तान को स्वदेशी BHISHM Cube मेडिकल सिस्टम भेंट किया।

International Desk: भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी “मानवीय ताकत” और तकनीकी क्षमता का दम दिखाया है। Rajnath Singh ने किर्गिस्तान को स्वदेशी भीष्म क्यूब (BHISHM Cube) मेडिकल सिस्टम भेंट कर यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ रक्षा शक्ति ही नहीं, बल्कि आपदा के समय जीवन बचाने वाला भरोसेमंद साझेदार भी है। आज जब दुनिया युद्ध, आपदाओं और मानवीय संकटों से जूझ रही है, ऐसे में BHISHM Cube जैसे सिस्टम किसी भी देश के लिए “लाइफसेवर” साबित हो सकते हैं। यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता (Make in India) और वैश्विक जिम्मेदारी दोनों को मजबूत करता है।
 


क्या है भीष्म क्यूब?
BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog Hita & Maitri) Cube एक आधुनिक, पोर्टेबल मेडिकल सिस्टम है, जिसे खास तौर पर आपात स्थितियों के लिए तैयार किया गया है। यह “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय में तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य गंभीर स्थिति में मरीज की जान बचाना है, जब हर मिनट बेहद कीमती होता है।

 

कैसे करता है काम ?
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका मॉड्यूलर डिजाइन है। इसमें छोटे-छोटे 36 “मिनी क्यूब” मिलकर एक “मदर क्यूब” बनाते हैं, और ऐसे दो मदर क्यूब मिलकर पूरा BHISHM Cube तैयार करते हैं। एक पूरा सिस्टम करीब 200 मरीजों का इलाज, यहां तक कि सर्जरी तक संभाल सकता है। इसे हाथ से, साइकिल से या ड्रोन के जरिए भी कहीं भी पहुंचाया जा सकता है।

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हाई-टेक तकनीक और तेज तैनाती  
BHISHM Cube को सिर्फ 12 मिनट में सेटअप किया जा सकता है, जो किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में बेहद अहम है। इसमें RFID तकनीक के जरिए हर मेडिकल उपकरण को ट्रैक किया जा सकता है, और एक डिजिटल सिस्टम 180 भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराता है। साथ ही इसमें AI और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल होता है, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर मैनेजमेंट संभव होता है।

 

भारत की ‘मानवीय कूटनीति’ का उदाहरण
यह पहल Project Aarogya Maitri के तहत की गई है, जिसका मकसद जरूरत के समय दुनिया के देशों को तुरंत चिकित्सा सहायता देना है। किर्गिस्तान को यह सिस्टम देकर भारत ने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि संकट में साथ खड़ा रहने वाला दोस्त भी है।

 

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