Edited By Ramkesh,Updated: 22 Jul, 2026 02:17 PM

भारत में उर्वरक के बढ़ते आयात और पश्चिम एशिया संकट के कारण खजाने पर दबाव बढ़ने पर चर्चा संसद में चर्चा हुई। सरकार की तरफ से संसद को बताया कि 2026-27 के लिए खाद सब्सिडी की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए उसके पास पर्याप्त कोष है और 13 जुलाई तक...
नेशनल डेस्क: भारत में उर्वरक के बढ़ते आयात और पश्चिम एशिया संकट के कारण खजाने पर दबाव बढ़ने पर चर्चा संसद में चर्चा हुई। सरकार की तरफ से संसद को बताया कि 2026-27 के लिए खाद सब्सिडी की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए उसके पास पर्याप्त कोष है और 13 जुलाई तक 70,709 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं जो साल के लिए कुल 1.77 लाख करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन का 39.9 प्रतिशत है। अन्य स्रोतों से प्राप्त ताजा आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच 3 वर्षों में भारत का उर्वरक निर्यात लगभग 52 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि भारत द्वारा सालाना उर्वरक आयात की तुलना में निर्यात की मात्रा बहुत कम है, लेकिन उर्वरकों पर चल रही चर्चाओं को देखते हुए यह एक उल्लेखनीय स्थिति है।
भारत ने वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 3.1 लाख टन उर्वरक निर्यात किया, जो वित्त वर्ष 2025 -26 में बढ़कर 4.7 लाख टन हो गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उर्वरक के सालाना निर्यात का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा ब्राजील को जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इसी अवधि के दौरान आयात वित्त वर्ष 2023-24 में 207 लाख टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 280 लाख टन से अधिक हो गया, जो 36.09 प्रतिशत की वृद्धि है।
आप को बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक आयातकों में से एक है, जो हर साल वैश्विक बाजारों से मुख्य रूप से यूरिया, डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), म्यूरेट ऑफ पोटाश और अन्य एनपीकेएस खरीदता है। यूरिया और डीएपी भारत में सबसे अधिक खपत होने वाले दो उर्वरक हैं। बहरहाल निर्यात के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत से मुख्य रूप से पोटेशियम सल्फेट, सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले उर्वरक, ऑर्गेनिक उर्वरक, पोटेशियम क्लोराइड, अमोनियम नाइट्रेट और पशुओं के गोबर के खाद जैसे कार्बनिक खाद का निर्यात करता है।
भारत से उर्वरक खरीदने वाले देशों में ब्राजील,श्रीलंका, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, मालदीव, नेपाल और बांग्लादेश प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में पड़ोसी देश श्रीलंका को उर्वरक निर्यात बढ़कर लगभग 33,000 टन हो गया, वित्त वर्ष 2023-24 में केवल 816.28 टन था। इसी तरह वित्त वर्ष 2023-24 में ब्राजील को होने वाला निर्यात 1.1 लाख टन था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 175 प्रतिशत बढ़कर 3.1 लाख टन हो गया। इक्रियर के एक शोध पत्र के अनुसार 2024-25 में भारत में लगभग 707 लाख टन उर्वरक उत्पादों का इस्तेमाल हुआ, जो लगभग 330 लाख टन पोषक तत्वों नाइट्रोजन (एन), फास्फोरस (पी) और पोटाश (के) पोषक तत्व के बराबर है।