Edited By Tanuja,Updated: 05 Feb, 2026 01:58 PM

रूस ने अमेरिका के उस दावे को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर रहा है। क्रेमलिन ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति स्वतंत्र है और वह अपने स्रोतों को डाइवर्सिफाई करने का हक रखता है। भारत ने भी स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी...
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-रूस तेल व्यापार को लेकर किए गए दावों पर रूस ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। क्रेमलिन ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) को चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। रूस का आधिकारिक पक्ष रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा और क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट किया। रूस को भारत की ओर से तेल खरीद कम करने या बंद करने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
रूस ने कहा कि वह कभी भी भारत का एकमात्र सप्लायर नहीं रहा है। भारत हमेशा से विभिन्न देशों से तेल खरीदता रहा है, जो एक सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है। रूस का मानना है कि भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद करती है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और वेनेजुएला या अमेरिका जैसे विकल्पों पर विचार करेगा।
हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयानों से स्पष्ट है कि 1.4 अरब भारतीयों का हित भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सबसे ऊपर है। भारत किसी भी दबाव में आए बिना वहां से तेल खरीदेगा जहां उसे सही दाम और शर्तें मिलेंगी। विदेश मंत्री जयशंकर फिलहाल अमेरिका में हैं और मार्को रुबियो के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन तेल खरीद पर भारत ने अपनी पुरानी नीति कायम रहेगी।