Edited By Pardeep,Updated: 02 Nov, 2026 11:50 PM

अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में सोमाली समुद्री डाकुओं के बढ़ते खतरों के बीच भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और परिचालन क्षमता का लोहा मनवाया है। नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 48 घंटे तक चले एक अत्यंत सटीक और...
नई दिल्ली: अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में सोमाली समुद्री डाकुओं के बढ़ते खतरों के बीच भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और परिचालन क्षमता का लोहा मनवाया है। नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 48 घंटे तक चले एक अत्यंत सटीक और समन्वित अभियान के तहत सोमाली डाकुओं के चंगुल से ईरानी मछली पकड़ने वाले पोत 'अज़ीनी' (Azini) और उस पर सवार सभी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने भी समय पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
12 हथियारबंद डाकुओं ने किया था पोत पर कब्जा
प्राप्त विवरण के अनुसार, उत्तर-पूर्वी सोमालिया के तटीय कस्बों बांदर बायला (Bandar Bayla) और हाफुन (Hafun) के बीच 12 भारी हथियारबंद सोमाली डाकुओं ने ईरानी नौका 'अज़ीनी' पर धावा बोलकर उस पर नियंत्रण कर लिया था। अपहरण के समय पोत पर 21 ईरानी चालक दल के सदस्य और 2 सोमाली सुरक्षा गार्ड मौजूद थे।
मेरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर इंडियन ओशन द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। डाकू इस अपहृत पोत को मुख्य जहाजरानी लेन की ओर ले जा रहे थे, ताकि इसे अन्य व्यापारिक जहाजों (Merchant Vessels) पर हमला करने के लिए 'मदर शिप' (Mother Ship) के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
भारतीय नौसेना और वायुसेना का सटीक 48 घंटे का साझा ऑपरेशन
खतरे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना ने वायुसेना के साथ मिलकर तुरंत घेराबंदी की। पोत की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के बाद भारतीय नौसैनिक जहाजों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक (Intercept) लिया। 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डाकुओं को सरेंडर करने पर मजबूर किया गया और सभी 20 क्रू सदस्यों के साथ पोत को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गर्व
इस सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना और वायुसेना को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने लिखा कि इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता उच्च स्तर की है और वह पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री खतरों का निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारे जांबाज कर्मियों ने जीवन रक्षा, समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के भारत के संकल्प को पुनः सिद्ध किया है।
हिंद महासागर में सोमाली डाकुओं का बढ़ता दुस्साहस
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में अदन की खाड़ी और पश्चिमी हिंद महासागर में सोमाली समुद्री डाकुओं की गतिविधियों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से अगस्त के बीच ही डाकुओं ने छह व्यावसायिक जहाजों का अपहरण किया था, जिसमें यमन के पास तेल टैंकर 'सिबू 1' (Sibu 1) और सितंबर में 'एमटी ऑनर 25' (MT Honour 25) शामिल थे, जिस पर डाकुओं ने 5 क्रू सदस्यों की हत्या कर दी थी। इस पृष्ठभूमि में भारतीय नौसेना की यह सफल कार्रवाई हिंद महासागर में भारत को एक मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्थापित करती है।