रेलवे का बड़ा फैसला: ट्रेन में रात 11 से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे चार्जिंग पॉइंट्स, जानें इस सख्त नियम की वजह

Edited By Updated: 29 Oct, 2026 08:42 AM

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भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रा के दौरान आग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे ज़ोन को निर्देश दिया है कि वे रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेनों के डिब्बों में मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रखें।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रा के दौरान आग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे ज़ोन को निर्देश दिया है कि वे रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेनों के डिब्बों में मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रखें। रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को यह निर्देश जारी किया। इससे पहले एक घटना हुई थी, जिसमें चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया था, जिससे पूरे डिब्बे में धुआं भर गया था। इस फैसले का मकसद रात के सफर के दौरान आग लगने के खतरे को कम करना है।

लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अब अपने फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रात 11 बजे से पहले ही चार्ज कर लेने होंगे। रेलवे बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 6 घंटे की इस पाबंदी में कोई छूट नहीं दी जाएगी। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया निर्देश असल में 2014 में बने एक सुरक्षा नियम की याद दिलाता है, जिसे अब रेलवे अधिकारियों से सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है।

 चार्जिंग पर क्यों लगाई रोक ?
यह नया निर्देश दक्षिण-पूर्वी रेलवे ज़ोन में पावर बैंक फटने की एक घटना के बाद आया है। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, तय समय के दौरान ट्रेन के स्टाफ ने चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए थे। इसके बाद एक यात्री का पावर बैंक फट गया और उससे धुआं निकलने लगा। 26 अक्टूबर को भेजे गए अपने पत्र में, बोर्ड ने सभी रेलवे ज़ोन को निर्देश दिया कि वे रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चार्जिंग पॉइंट को बिना किसी अपवाद के बंद रखें। रेलवे अधिकारियों और सुपरवाइज़रों से कहा गया है कि वे अचानक निरीक्षण (सरप्राइज़ इंस्पेक्शन) करें। नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ को निर्देश दिए जाएंगे और ट्रेनिंग दी जाएगी।

2014 में लागू की गई थी चार्जिंग पर यह रोक
रात के समय चार्जिंग पर रोक लगाने का यह नियम एक दशक से भी पुराना है। भारतीय रेलवे ने पहली बार जून 2014 में यह पाबंदी लगाई थी। इससे पहले 2013 में 'हज़ूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस' में आग लगने की घटना हुई थी। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) ने सुझाव दिया था कि रात के समय वातानुकूलित (AC) डिब्बों में चार्जिंग सॉकेट बंद कर दिए जाएं। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चार्जिंग पर रोक तय कर दी। नवंबर 2023 में नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर क्लोन स्पेशल के एक स्लीपर कोच में आग लगने की घटना के बाद, यह मुद्दा फिर से सामने आया है। सुरक्षा अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि ऐसी ही सावधानियां नॉन-एसी कोचों में भी लागू की जानी चाहिए, हालांकि रेलवे अधिकारियों ने पहले परिचालन लागत (ऑपरेशनल कॉस्ट) को एक चुनौती बताया था।

रेल यात्रियों के लिए काम की सलाह
समय से पहले चार्जिंग:
रात 11 बजे से पहले ही अपने मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक को चार्ज कर लें।

ओवरनाइट चार्जिंग से बचें: कई यात्रियों को रात भर फोन प्लग-इन करके सोने की आदत होती है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। सफर के दौरान इस आदत को बदलें।

सुरक्षा सहयोग: बिना निगरानी के चार्जिंग और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से कोच में बड़ा हादसा हो सकता है, इसलिए रेलवे के सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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