Tatkal Ticket के समय 'सर्वर क्रैश' का झंझट हमेशा के लिए खत्म, 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदलेगा भारतीय रेलवे: अगस्त से शुरू होगी हाई-टेक बुकिंग

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 02:10 PM

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भारतीय रेलवे अगस्त महीने से 40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। साल 1986 से लगातार सेवा दे रहे लगभग चार दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) अब यादगार ब न कर रह जाएगा। रेलवे इसकी जगह पूरी तरह से नया, आधुनिक और बेहद तेज...

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अगस्त महीने से 40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। साल 1986 से लगातार सेवा दे रहे लगभग चार दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) अब यादगार ब न कर रह जाएगा। रेलवे इसकी जगह पूरी तरह से नया, आधुनिक और बेहद तेज रिज़र्वेशन सिस्टम लागू करने जा रहा है। 

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मेगा प्रोजेक्ट की समीक्षा की है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगस्त से जब ट्रेनों को स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से नए सिस्टम पर शिफ्ट किया जाएगा, तब आम यात्रियों को Ticket Booking में किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी नहीं आनी चाहिए।

क्यों पड़ी 1986 के सिस्टम को बदलने की जरूरत?
भारतीय रेलवे का मौजूदा टिकट बुकिंग ढांचा सन 1986 में तैयार किया गया था। पिछले 40 सालों में तकनीक काफी बदल चुकी है। जब साल 2002 में पहली बार इंटरनेट से टिकट बुकिंग शुरू हुई थी, तब ऑनलाइन ग्राहकों की संख्या बेहद कम थी। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल उलट है, वर्तमान में लगभग 88 फीसदी online railway ticket booking से बुक किए जाते हैं। त्योहारों के सीजन में या सुबह तत्काल बुकिंग के समय अचानक सर्वर पर लोड बढ़ने से वेबसाइट और ऐप धीमे हो जाते थे। इसी बढ़ती डिजिटल मांग और भारी लोड को संभालने के लिए इस आधुनिक सिस्टम को डिजाइन किया गया है।

नए सिस्टम की 3 सबसे बड़ी खासियतें:-

1.Tatkal Booking के समय 'सर्वर क्रैश' का झंझट हमेशा के लिए खत्म
नया रिजर्वेशन सिस्टम एडवांस क्लाउड और हाई-कैपेसिटी तकनीक पर काम करता है। इसकी डेटा प्रोसेस करने की क्षमता पुराने सिस्टम से कई गुना ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तत्काल टिकट विंडो खुलने पर या त्योहारों की भारी भीड़ के दौरान भी सर्वर पर दबाव नहीं पड़ेगा और बुकिंग स्मूथ रहेगी।

2. 94% सटीकता के साथ AI बताएगा- 'टिकट कन्फर्म होगा या नहीं'
इस नए सिस्टम की सबसे क्रांतिकारी खूबी है इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वेटिंग प्रेडिक्शन फीचर। यदि आपको Waiting Ticket मिलता है, तो यह सिस्टम आपको बताएगा कि आपके टिकट के कन्फर्म होने की कितनी उम्मीद है। पहले इस फीचर की सटीकता केवल 53% थी, जो अब आधुनिक Ai की मदद से 94% सटीक हो चुकी है। इससे यात्री अपनी यात्रा की प्लानिंग बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

3. RailOne ऐप की जबरदस्त सफलता
रेलवे का यह नया सिस्टम उसके नए डिजिटल प्लेटफॉर्म 'RailOne' ऐप से पूरी तरह सिंक रहेगा। जुलाई 2025 में लॉन्च हुए इस ऐप को एक साल के भीतर ही 3.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं। इस ऐप पर रोजाना करीब 9.29 लाख टिकट बुक हो रहे हैं। इस Single App के जरिए यात्री न सिर्फ रिजर्वेशन कर सकते हैं, बल्कि लाइव ट्रेन स्टेटस, कोच पोजीशन और शिकायत दर्ज करने जैसी तमाम सुविधाएं एक जगह पा सकते हैं।

 

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