Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Jul, 2026 03:09 PM

एक कारोबारी दिन की तेज बढ़त के बाद गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले सतर्क रुख के चलते बुलियन बाजार पर दबाव देखने को...
बिजनेस डेस्कः एक कारोबारी दिन की तेज बढ़त के बाद गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले सतर्क रुख के चलते बुलियन बाजार पर दबाव देखने को मिला।
एमसीएक्स (MCX) पर 5 अगस्त 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,44,316 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं, 4 सितंबर 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 1.81 प्रतिशत टूटकर 2,22,900 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
इससे पहले 22 जुलाई को घरेलू स्पॉट बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज उछाल दर्ज किया गया था। गोल्ड के भाव प्रति 10 ग्राम ₹1900 उछलकर दो हफ्ते के हाई ₹1.49 लाख और चांदी ₹8500 मजबूत होकर प्रति किलो ₹2.30 लाख पर थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में नरमी आई।
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक पर है, क्योंकि ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेत सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव डालती हैं। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग सोने को समर्थन देती रही है। चांदी में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है लेकिन औद्योगिक मांग के कारण इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलता है।