Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Jun, 2026 12:00 AM

विदेश मंत्री एस जयशंकर ब्रिटेन की अपनी समकक्ष यवेट कूपर के साथ बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों नेता पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आर्थिक प्रभावों से निपटने और समग्र संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान...
नेशनल डेस्क : विदेश मंत्री एस जयशंकर ब्रिटेन की अपनी समकक्ष यवेट कूपर के साथ बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों नेता पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आर्थिक प्रभावों से निपटने और समग्र संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। व्यापार और रक्षा क्षेत्रों समेत द्विपक्षीय संबंधों के और मजबूत होने के बीच कूपर आज शाम नयी दिल्ली पहुंची।
ब्रिटेन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दोनों मंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने, वैश्विक स्थिरता बनाए रखने और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटेन और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसमें कहा गया कि ब्रिटेन की विदेश मंत्री की यह यात्रा भारत के साथ सहयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी दिशा तय करती है, जो ब्रिटेन के लिए एक शीर्ष प्राथमिकता वाला साझेदार है।
बयान में कहा गया है कि जयशंकर के साथ, विदेश मंत्री 'ब्रिटेन-भारत विजन 2035' के तहत अब तक की उपलब्धियों की औपचारिक समीक्षा करेंगी, जिनमें आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आगामी वर्ष के लिए ब्रिटेन की प्राथमिकताएं शामिल हैं। कूपर ने कहा, ''पिछले वर्ष हमारे प्रधानमंत्रियों द्वारा आधुनिक ब्रिटेन-भारत साझेदारी के लिए साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किए जाने के बाद से, ब्रिटेन ने भारत के साथ सहयोग को एक प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाया है।'' उन्होंने कहा कि ब्रिटेन-भारत साझेदारी प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस प्रगति कर रही है।