Edited By Pardeep,Updated: 25 Jan, 2026 11:01 PM

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार को एक ड्रोन की मौजूदगी देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। ड्रोन की गतिविधि का पता चलते ही इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
नेशनल डेस्कः जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार को एक ड्रोन की मौजूदगी देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। ड्रोन की गतिविधि का पता चलते ही इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
करीब 5 मिनट तक दिखा ड्रोन
मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन को करीब पांच मिनट तक उड़ते हुए देखा। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ड्रोन के रूट, लॉन्च पॉइंट और मकसद का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया।
पहले भी हो चुकी है ड्रोन घुसपैठ की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन की गतिविधि देखी गई हो। 15 जनवरी को भी जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास रामगढ़ सेक्टर के केसो महांसन गांव के आसपास एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली थी। उस घटना के बाद भी इलाके में हाई अलर्ट जारी किया गया था और ड्रोन विरोधी उपाय (काउंटर मेजर्स) अपनाए गए थे।
पाकिस्तान को भारत की सख्त चेतावनी
इससे पहले सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ड्रोन घुसपैठ को लेकर पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था।
उन्होंने कहा था कि भारत ने पाकिस्तान को “नोटिस पर” रखा है। एलओसी (Line of Control) और सीमा के पास ड्रोन गतिविधियां बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं।
DGMO स्तर की बातचीत में उठाया गया मुद्दा
सेना प्रमुख ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत हुई। इस दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर में देखे गए ड्रोन मूवमेंट पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जनरल द्विवेदी ने कहा,“हमने पाकिस्तान से साफ तौर पर कहा है कि वह अपने ड्रोन पर लगाम लगाए।”
भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क
सेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सेना पूरी तरह अलर्ट है। किसी भी तरह की भविष्य की दुस्साहसिक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। ड्रोन गतिविधियां संभवतः छोटे, निगरानी (डिफेंसिव) ड्रोन हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल सीमा पार भारतीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है।
पश्चिमी मोर्चे पर जारी है ऑपरेशन
सेना प्रमुख ने बताया कि पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए ऑपरेशन सिंदूर जारी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।