Edited By Parveen Kumar,Updated: 07 Feb, 2026 12:53 AM

कॉल सेंटर कर्मचारी कमल ध्यानी के माता-पिता उनका काम से घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, ताकि वे अपनी शादी की सालगिरह की खुशियां मनाना शुरू कर सकें। कमल ने देर रात 12:50 बजे अपने भाई को फोन करके बताया कि वह 15 मिनट में पहुंच जाएंगे। हालांकि, कुछ समय बाद...
नेशनल डेस्क : कॉल सेंटर कर्मचारी कमल ध्यानी के माता-पिता उनका काम से घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, ताकि वे अपनी शादी की सालगिरह की खुशियां मनाना शुरू कर सकें। कमल ने देर रात 12:50 बजे अपने भाई को फोन करके बताया कि वह 15 मिनट में पहुंच जाएंगे। हालांकि, कुछ समय बाद कमल ने फोन का जवाब देना बंद कर दिया और फिर परिवार का कमल से कोई संपर्क नहीं हो सका।
पुलिस ने परिवार को सुबह सूचित किया कि पश्चिमी दिल्ली में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदे गए 15 फुट गहरे गड्ढे में मोटरसाइकिल चलाते समय गिरने से उसकी मौत हो गई थी। उसके जुड़वां भाई करण ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "हमारे माता-पिता अपनी शादी की सालगिरह मनाने वाले थे और हमने आधी रात को केक काटने की योजना बनाई थी। लेकिन इसके बजाय, हम पूरी रात कमल को ढूंढते हुए सड़कों पर भटकते रहे।" करण वह आखिरी व्यक्ति था जिसने कमल से बात की थी, जिसने उसे बताया था कि वह 15 मिनट के भीतर घर पहुंच जाएगा।
करण ने बताया, "उसने हमारी मां से चपातियां बनाने को कहा और बताया कि वह जल्द ही घर पहुंच रहा है। जब आधे घंटे बाद भी वह नहीं आया और फोन का जवाब देना बंद कर दिया, तो हम चिंतित हो गए।" परिवार सबसे पहले कमल के दफ्तर गया, जो रोहिणी सेक्टर-10 में एक निजी बैंक से जुड़ा कॉल सेंटर है। वहां उनके मैनेजर ने बताया कि कमल पहले ही निकल चुका हैं और तब तक उसे घर पहुंच जाना चाहिए था। करण ने बताया, "उसके बाद मैनेजर हमारे साथ आए और हमने उसकी तलाश शुरू की। हम मदद के लिये कई पुलिस थानों में गए।" सुबह हमें पुलिस ने घटना की जानकारी दी।
परिवार ने घटना के सटीक क्रम का पता लगाने के लिए खदान के पास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की है। उन्होंने पुलिस और डीजेबी समेत अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। करण ने कहा, "हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वास्तव में क्या हुआ ताकि ऐसा दोबारा किसी के साथ न हो। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि मामले की त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए।" पुलिस ने ठेकेदार और डीजेबी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस घटना के संबंध में डीजेबी के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।