Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Jan, 2026 11:44 AM

महाराष्ट्र के बारामती में हुए दिल दहला देने वाले विमान हादसे ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में रहने वाले पाठक परिवार की दुनिया ही बदल दी। हादसे में बहादुर पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई, जिससे परिवार गहरे सदमे में है। शांभवी के पिता अपने परिवार की...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के बारामती में हुए दिल दहला देने वाले विमान हादसे ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में रहने वाले पाठक परिवार की दुनिया ही बदल दी। हादसे में बहादुर पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई, जिससे परिवार गहरे सदमे में है। शांभवी के पिता अपने परिवार की लाडली को अंतिम विदाई देने के लिए मुंबई की ओर रवाना हो चुके हैं।
नई खुशियां अधूरी रह गईं
तीन दिन पहले ही पाठक परिवार ने अपने नए फ्लैट में कदम रखा था। यह फ्लैट उन्होंने दिवाली के अवसर पर खरीदा था, ताकि शांभवी और परिवार नई शुरुआत के साथ खुशियों से अपने नए घर में कदम रख सकें। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस साल शांभवी की शादी की तैयारियां भी चल रही थीं, जो अब अधूरी रह गई।
देशभक्ति का खून बहता रहा परिवार में
पाठक परिवार का इतिहास देशभक्ति और सेना सेवा में समर्पित रहा है। शांभवी के पिता और दादा दोनों ने भारतीय सेना में सेवा दी, जबकि उनके भाई भी वर्तमान में भारतीय वायु सेना में पायलट हैं। शांभवी ने लोधी कॉलोनी स्थित 'Air Force Bal Bharti School' से अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की और उसी परंपरा को आगे बढ़ाया।
दुख की घड़ी में परिवार की व्यक्तिगत सीमाएं
सफदरजंग एन्क्लेव में परिवार के नए घर का वातावरण आज चुप्पी और शोक में डूबा है। परिवार के ज्यादातर सदस्य मुंबई जा चुके हैं, और घर पर जो लोग मौजूद हैं, वे किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। इस कठिन समय में परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है। वहीं, स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय परिवार से मिलने और सांत्वना देने के लिए पहुंचे। शांभवी पाठक की साहसिक उड़ान और देशभक्ति के लिए समर्पण की यादें हमेशा उनके परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनेंगी।