Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Feb, 2026 03:23 PM

मनोरंजन की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको खामोश कर दिया है। अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली तेलुगु फिल्मों और टीवी की मशहूर अभिनेत्री जया वाहिनी (जिन्हें लोग प्यार से वासवी या पद्मा भी बुलाते थे) अब हमारे बीच नहीं रहीं।...
नेशनल डेस्क: मनोरंजन की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको खामोश कर दिया है। अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली तेलुगु फिल्मों और टीवी की मशहूर अभिनेत्री जया वाहिनी (जिन्हें लोग प्यार से वासवी या पद्मा भी बुलाते थे) अब हमारे बीच नहीं रहीं। बुधवार शाम उन्होंने अपने पैतृक निवास विजयनगरम में आखिरी सांस ली। वह पिछले काफी समय से खतरनाक बीमारी ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थीं, लेकिन आखिर में जिंदगी की यह जंग वह हार गईं।
बचपन की सहेली ने दी विदाई की खबर
जया वाहिनी के निधन की जानकारी उनकी करीबी दोस्त और अभिनेत्री कराटे कल्याणी ने सोशल मीडिया पर साझा की। कल्याणी ने बेहद भावुक होते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी सहेली को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। विजयनगरम में दोनों के घर पास-पास थे और उनका रिश्ता बचपन का था। इस खबर ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे फिल्म जगत को झकझोर कर रख दिया है।
अभिनय का सफर: विलेन बनकर जीता दिल
1978 में जन्मी जया वाहिनी ने संघर्ष के साथ मनोरंजन जगत में कदम रखा था। हालांकि उन्होंने फिल्मों और टीवी दोनों जगह काम किया, लेकिन छोटे पर्दे पर उनकी धाक ज्यादा रही। वह अक्सर नकारात्मक भूमिकाओं (Negative Roles) में नजर आती थीं और उनकी दमदार आवाज व चेहरे के हाव-भाव दर्शकों को बांध लेते थे। आखिरी बार उन्हें फिल्म 'बहिरभूमि' में देखा गया था, जबकि 'रघुपति वेंकैया नायडू' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय थीं और अक्सर रील्स के जरिए अपने चाहने वालों से जुड़ी रहती थीं।
बीमारी और आर्थिक तंगी से मुकाबला
कैंसर के इलाज के दौरान वाहिनी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कराटे कल्याणी ने उनके इलाज के खर्च के लिए लोगों से मदद की अपील भी की थी, जिसमें कई कलाकारों और प्रशंसकों ने हाथ बंटाया। मगर जब बीमारी शरीर पर हावी होने लगी, तो डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने की सलाह दे दी। अपने आखिरी दिनों में वह अपने जन्मस्थान विजयनगरम में ही थीं, जहाँ उन्होंने अपनी अंतिम घड़ी देखी।