Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 27 Mar, 2026 07:50 PM

केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है और इसी बीच कांग्रेस ने अपना बड़ा चुनावी प्लान सामने रख दिया है।
नेशनल डेस्क: केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है और इसी बीच कांग्रेस ने अपना बड़ा चुनावी प्लान सामने रख दिया है। पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, जो राज्यभर में चुनावी माहौल को गर्म करने वाले हैं। इस सूची में राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं को शामिल कर कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि वह इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है।
इन दिग्गज नेताओं पर टिकी कांग्रेस की उम्मीदें
कांग्रेस द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ कई अनुभवी और युवा चेहरे शामिल हैं। इसमें Mallikarjun Kharge, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इसके अलावा Shashi Tharoor, K. C. Venugopal, Siddaramaiah, D. K. Shivakumar और Sachin Pilot जैसे नेता भी चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभाएंगे। इन सभी नेताओं के जरिए कांग्रेस राज्य के अलग-अलग इलाकों में मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
कब होगा मतदान, कब आएंगे नतीजे?
Kerala विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग ने पहले ही तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य में एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि 4 मई 2026 को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत मार्च के मध्य में ही हो चुकी है और आचार संहिता लागू होने के साथ ही सभी दल पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले से दिलचस्प हुआ चुनाव
इस बार केरल का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि मुकाबला केवल दो नहीं बल्कि तीन प्रमुख ताकतों के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस जहां सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं वामपंथी दल अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में हैं। दूसरी ओर बीजेपी भी अपने वोट शेयर को बढ़ाने और कुछ सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
कांग्रेस का फोकस इस बार केवल घोषणाओं पर नहीं बल्कि मजबूत कैंपेनिंग पर भी है। 40 स्टार प्रचारकों की तैनाती से पार्टी हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।
पार्टी की कोशिश है कि बड़े नेताओं की रैलियों, जनसभाओं और रोड शो के जरिए मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाई जाए और एंटी-इंकंबेंसी का फायदा उठाया जाए।