स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगाः पेरेंट्स ने एयरपोर्ट पर बच्चे को खुले में करवाया पेशाब, Video वायरल

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 07:01 PM

kid peeing on airport tarmac in indore internet says  civic

इंदौर एयरपोर्ट पर एक बच्चे के रनवे क्षेत्र में खुले में पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद नागरिक शिष्टाचार पर बहस छिड़ गई। उद्यमी अनुभव दुबे ने इसके लिए बच्चों नहीं, बल्कि अभिभावकों और सामाजिक व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया।

International Desk: मध्य प्रदेश के इंदौर एयरपोर्ट पर एक बच्चे का कथित तौर पर खुले में पेशाब करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो साझा करने वाले उद्यमी अनुभव दुबे ने इस घटना को नागरिक शिष्टाचार (Civic Sense) और अभिभावकों की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए व्यापक चर्चा छेड़ दी।वीडियो में एक बच्चा एयरपोर्ट के टरमैक (विमान खड़े होने वाले क्षेत्र) में पेशाब करता दिखाई देता है, जबकि उसके माता-पिता पास में खड़े नजर आते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले अनुभव दुबे ने कहा कि यदि कोई विदेशी यह दृश्य देखता, तो भारत के बारे में उसकी क्या धारणा बनती।

 

'बच्चे नहीं, अभिभावक जिम्मेदार'
अनुभव दुबे ने कहा कि बच्चे मासूम होते हैं और वे वही सीखते हैं जो अपने आसपास देखते हैं। उनके अनुसार, यह समस्या केवल बच्चे की नहीं बल्कि अभिभावकों और समाज की सोच से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि भारत में कई जगहों पर खुले में पेशाब और शौच जैसी आदतें इतनी सामान्य हो गई हैं कि लोग उन्हें गलत मानना ही छोड़ चुके हैं।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Anubhav Dubey (@anubhavdubey1)

स्वच्छता के साथ व्यवहार में बदलाव भी जरूरी
दुबे ने कहा कि किसी देश की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं मापी जाती, बल्कि लोगों के व्यवहार और नागरिक शिष्टाचार से भी तय होती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शौचालयों के निर्माण जैसे कई कदम उठाए हैं, लेकिन केवल बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है। लोगों की सोच और आदतों में बदलाव भी जरूरी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि पुरुषों को सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करना बंद करना चाहिए और भारत को वास्तव में स्वच्छ बनाने में योगदान देना चाहिए।

 

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नागरिक शिष्टाचार और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर चिंता जताई। कुछ लोगों ने इसे गंभीर सामाजिक समस्या बताया, जबकि कुछ ने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सार्वजनिक स्वच्छता और अनुशासन की शिक्षा दी जानी चाहिए।
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!