Edited By Pardeep,Updated: 28 Jun, 2026 11:17 PM

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। हजारों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई लोग अब भी लापता हैं।
इंटरनेशनल डेस्कः वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। हजारों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई लोग अब भी लापता हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे देश में उम्मीद की नई किरण जगा दी है। भूकंप के बाद एक इमारत के मलबे में तीन दिन तक दबा रहने के बावजूद 11 साल के एक लड़के को जिंदा बचा लिया गया।
72 घंटे बाद भी जिंदा मिला बच्चा
बचाव दल ने शनिवार को काराबालेडा इलाके में मलबे के नीचे फंसे इस 11 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि बच्चा करीब 72 घंटे तक बिना किसी मदद के मलबे में फंसा रहा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार बचावकर्मियों ने उसे जीवित निकाल लिया।
बच्चे के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर और खुशी जाहिर कर उसका स्वागत किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अंतरिम राष्ट्रपति भी हुईं भावुक
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने खुद इस बचाव अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कुछ मिनट पहले काराबालेडा में 11 साल के एक लड़के को जिंदा बचाया गया है। इस मुश्किल समय में हर बची हुई जिंदगी वेनेजुएला के लिए उम्मीद की एक नई किरण है।" उन्होंने बचाव अभियान का वीडियो भी साझा किया और राहत कार्यों में जुटे सभी लोगों का धन्यवाद किया।
मौत और तबाही का बढ़ता आंकड़ा
रिपोर्टों के मुताबिक, वेनेजुएला में आए दो बड़े भूकंपों में अब तक करीब 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर के अनुसार, मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है तथा हजारों लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
24 देशों ने भेजी मदद
इस बड़े संकट से निपटने के लिए दुनिया के कई देश वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आए हैं। सरकार के अनुसार अब तक 24 देशों ने राहत सामग्री भेजी है। इनमें 521 टन से अधिक सहायता सामग्री, खोजी कुत्तों की 86 विशेष टीमें और 2,700 से अधिक बचावकर्मी शामिल हैं।
पहले 72 घंटे सबसे अहम
आपदा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी भूकंप या इमारत गिरने जैसी घटना के बाद शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी दौरान जीवित लोगों को बचाने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसके बाद बचाव कार्य धीरे-धीरे शवों की तलाश में बदल जाता है। हालांकि, 11 साल के इस बच्चे के जीवित मिलने से बचाव दल और पीड़ित परिवारों को नई उम्मीद मिली है कि शायद उनके अपने भी सुरक्षित मिल जाएं।