Edited By Mansa Devi,Updated: 18 Apr, 2026 04:23 PM

महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के संबंध में लाए गए संविधान संशोधन विधेयक को एकजुट विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के एक दिन बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने...
नेशनल डेस्क: महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के संबंध में लाए गए संविधान संशोधन विधेयक को एकजुट विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के एक दिन बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि उसे उनके ''गुस्से'' का सामना करना होगा। रीजीजू ने कहा, ''यह साबित हो चुका है कि कांग्रेस महिला विरोधी है उसे देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना होगा।''

उन्होंने कहा, ''महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है; देश की महिलाएं उन्हें करारा सबक सिखाएंगी।'' केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर महिला विरोधी मानसिकता रखने का भी आरोप लगाया और कहा कि पार्टी अब ''बेनकाब'' हो चुकी है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया। विधेयक में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को ''लागू'' करने के लिए लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रावधान था।

राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शामिल करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जानी थी। शुक्रवार रात लोकसभा में विधेयक पर मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पारित होने के लिए मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से 352 सांसदों के मतों की आवश्यकता थी।