INDIA गठबंधन का बड़ा ऐलान: दोनों सदनों में 'महिला आरक्षण' और 'परिसीमन बिल' का होगा कड़ा विरोध

Edited By Updated: 16 Apr, 2026 11:37 AM

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संसद के विशेष सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों के 'INDIA' गठबंधन ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। गुरुवार को संसद परिसर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में विपक्षी नेताओं ने सरकार द्वारा लाए जा रहे 'महिला आरक्षण' और 'परिसीमन' (Delimitation) से संबंधित विधेयकों...

नेशनल डेस्क: संसद के विशेष सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों के 'INDIA' गठबंधन ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। गुरुवार को संसद परिसर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में विपक्षी नेताओं ने सरकार द्वारा लाए जा रहे 'महिला आरक्षण' और 'परिसीमन' (Delimitation) से संबंधित विधेयकों का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है।

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विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के जरिए चुनावी गणित बदलना चाहती है। विपक्ष ने मांग की है कि आरक्षण को वर्तमान सीटों पर ही तुरंत लागू किया जाए, न कि इसे भविष्य के परिसीमन से जोड़ा जाए। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आज 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026' और 'परिसीमन विधेयक 2026' पेश करेंगे। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े संशोधन विधेयक पेश करेंगे। सरकार ने लोकसभा में 'नियम 66' को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है ताकि महिला आरक्षण और परिसीमन बिलों को एक साथ चर्चा कर पारित किया जा सके। विपक्ष ने सरकार की इस जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए हैं। प्रस्तावित बिल के तहत लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने की योजना है। विपक्ष का आरोप है कि इससे राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ जाएगा।

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सरकार ने 'नारी शक्ति' के लिए एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करने का आग्रह किया है। उन्होंने देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, "देश की हर बहन और बेटी की यह इच्छा है कि 2029 के चुनावों से महिला आरक्षण लागू हो जाए, और हमें इसे एकजुट होकर पूरा करना चाहिए।" सरकार का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर 2029 से आरक्षण लागू करने के लिए यह संवैधानिक प्रक्रिया अनिवार्य है।

विपक्ष की मांग

विपक्ष को डर है कि आबादी के आधार पर सीटों के बंटवारे से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रभाव कम होगा और उत्तर भारतीय राज्यों (जहाँ भाजपा मजबूत है) की ताकत बढ़ेगी। INDIA गठबंधन की मांग है कि प्रस्तावित महिला आरक्षण में पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए। विपक्ष का कहना है कि विशेष सत्र बुलाकर बिना विस्तृत चर्चा के इन महत्वपूर्ण बदलावों को थोपना "लोकतंत्र के खिलाफ" है।

 

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