कांग्रेस राज में पद्मश्री समेत अनेकों सम्‍मान, अब गुजरात दंगों में कनेक्‍शन...जानिए कौन है तीस्ता सीतलवाड़

Edited By Seema Sharma,Updated: 26 Jun, 2022 01:43 PM

know who is teesta setalvad

गुजरात ATS ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के घर को उनके NGO से जुड़े एक विदेशी फंड मामले में हिरासत में लिया। 2002 के दंगों के मामले में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी, 63 अन्य को क्लीन चिट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट

नेशनल डेस्क: गुजरात ATS ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के घर को उनके NGO से जुड़े एक विदेशी फंड मामले में हिरासत में लिया। 2002 के दंगों के मामले में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी, 63 अन्य को क्लीन चिट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीस्ता सीतलवाड़ सह-याचिकाकर्ता थीं। गुजरात ATS का यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समाचार एजेंसी ANI के साथ अपने साक्षात्कार में तीस्ता सीतलवाड़ की आलोचना करने के कुछ घंटों बाद आया है और कहा कि उनके एनजीओ ने गुजरात दंगों के बारे में आधारहीन जानकारी दी थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि मैंने फैसले को बहुत ध्यान से पढ़ा है। फैसले में स्पष्ट रूप से तीस्ता सीतलवाड़ के नाम का उल्लेख है। उनके द्वारा चलाए जा रहे NGO ने पुलिस को दंगों के बारे में आधारहीन जानकारी दी थी। 

 

जकिया जाफरी की अपील खारिज
शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को हिंसा में मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि अपील गुणहीन थी। जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने गुजरात दंगों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष जांच दल या एसआईटी की 2012 की क्लीन चिट को बरकरार रखते हुए कहा कि मामले में सह-याचिकाकर्ता सीतलवाड़ ने जकिया जाफरी की भावनाओं का शोषण किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ के पूर्ववृत्तों पर विचार करने की जरूरत है और इसलिए भी कि वह परिस्थितियों की असली शिकार जकिया जाफरी की भावनाओं और भावनाओं का शोषण करके इस विवाद को अपने गुप्त डिजाइन के लिए प्रतिशोधी रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। यह मामला उस घटना से संबंधित है जिसे गुलबर्ग सोसाइटी की घटना के रूप में जाना जाता है, जिसमें गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 68 लोग मारे गए थे। एक दशक बाद में, एसआईटी रिपोर्ट ने गुलबर्ग सोसाइटी मामले में "अभियोजन योग्य सबूत नहीं" का हवाला देते हुए नरेंद्र मोदी को दोषमुक्त किया था।

 

कौन हैं तीस्ता सीतलवाड़
तीस्ता सीतलवाड़ एक पत्रकार और समाजिक कार्यकर्ता हैं। तीस्ता सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) नाम के एक NGO की सचिव हैं। यह संगठन 2002 में गुजरात में सांप्रदायिक दंगे के पीड़ितों के लिए न्याय लड़ने के लिए स्थापित किया गया था। 9 फरवरी को महाराष्ट्र के मुंबई में जन्मी तीस्ता की पढ़ाई मुंबई में ही हुई। उनके पिता अतुल सीतलवाड़ पेशे से वकील थे। तीस्ता के दादा एमसी सीतलवाड़ भारत के पहले अटॉर्नी जनरल रहे। सीतलवाड़ के पति आनंद भी पत्रकार रहे हैं। तीस्ता सीतलवाड़ को साल 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने महाराष्ट्र में सार्वजनिक मामलों में पद्मश्री से सम्मानित किया था। इससे पहले उन्हें साल 2002 में राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार भी मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें साल 2000 में प्रिंस कलॉस अवॉर्ड, 2003 में नूर्नबर्ग अतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार भी मिल चुका है।

 

भाजपा बोली-सच सामने आएगा
भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार, खासकर शिक्षा मंत्रालय ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ को 1.4 करोड़ रुपए दिए थे। इस धन का उपयोग मोदी के खिलाफ अभियान चलाने और भारत को बदनाम करने के लिए किया गया। इस अभियान के पीछे तीस्ता अकेली नहीं थीं। सोनिया गांधी और कांग्रेस तीस्ता के पीछे थी। तीस्ता नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की भी सदस्य थी जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं। भाजपा प्रवक्ता ने पूछा कि तीस्ता सीतलवाड़ जिस तरह के झूठ और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार थीं, क्या वह सरकार के समर्थन के बिना संभव था।

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