Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 Oct, 2026 08:40 AM

दुनियाभर में जानलेवा साबित हो रही बीमारियों में कैंसर का नाम सबसे ऊपर आता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, कैंसर दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। साल 2018 में इसके कारण लगभग 96 लाख लोगों की जान गई थी, और साल 2022...
नई दिल्ली: दुनियाभर में जानलेवा साबित हो रही बीमारियों में कैंसर का नाम सबसे ऊपर आता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, कैंसर दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। साल 2018 में इसके कारण लगभग 96 लाख लोगों की जान गई थी, और साल 2022 में अकेले फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) के 25 लाख नए मामले सामने आए, जिनमें 18 लाख लोगों की मौत हो गई।
इन डरावने आंकड़ों से साफ है कि यह बीमारी कितनी खतरनाक रूप ले चुकी है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या सिर्फ सिगरेट या तंबाकू छोड़ने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा पूरी तरह टल जाता है? आइए जानते हैं इसके बारे में....
फेफड़े का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी
हमारे शरीर में फेफड़े सांस लेने का मुख्य अंग हैं। जब हम सांस अंदर लेते हैं, तो फेफड़े पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाते हैं और सांस छोड़ने पर कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं। लेकिन हमारी खराब जीवनशैली और प्रदूषण के कारण फेफड़े धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं, जो आगे चलकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों का रूप ले लेते हैं।
क्या है फेफड़ों का कैंसर?
WHO के अनुसार, जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती हैं, तो इसे लंग कैंसर कहा जाता है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
-नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर
-स्मॉल सेल लंग कैंसर... कैंसर की सबसे डरावनी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते। जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है।
फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारण
धूम्रपान- इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे रिस्क फैक्टर हैं जो आपको खतरे में डाल सकते हैं:
-आसपास किसी और के सिगरेट पीने से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आना।
-जहरीली हवा में सांस लेना।
-काम के दौरान एस्बेस्टस , सिलिका और डीजल के धुएं के संपर्क में आना।
-प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली रेडियोएक्टिव रेडॉन गैस।
-परिवार में कैंसर का इतिहास या फेफड़ों की पुरानी बीमारियां।
कैंसर के शुरुआती लक्षण
-लगातार रहने वाली खांसी जो ठीक न हो
-सीने में दर्द या भारीपन
-सांस लेने में तकलीफ या घरघराहट
-खांसी के साथ खून आना
-हर वक्त अत्यधिक थकान महसूस होना
-बिना किसी कारण के अचानक वजन घटना
-बार-बार फेफड़ों में इंफेक्शन होना
क्या सिर्फ सिगरेट छोड़ने से कम होता है खतरा?
अगर आपको लगता है कि सिर्फ स्मोकिंग बंद करने से आप पूरी तरह सुरक्षित हैं, तो यह आधा सच है। फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा...तंबाकू और सिगरेट से पूरी तरह दूरी बनाएं। कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि केमिकल और धुएं से बचाव हो सके। घर और बाहर प्रदूषण के प्रभावों से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण के प्रकट होने पर अपने नजदीकी चिकित्सक से सलाह जरूर करें।