Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Apr, 2026 10:07 AM

महाराष्ट्र में स्थानीय पुलिस ने 120 नाबालिग समेत 180 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि इस युवक अयान अहमद तनवीर अहमद पर आरोप है कि...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में स्थानीय पुलिस ने 120 नाबालिग समेत 180 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि इस युवक अयान अहमद तनवीर अहमद पर आरोप है कि उसने 180 लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
यूं बिछाता था जाल
अयान पहले अमरावती के कोचिंग सेंटर में खुद की एडमिशन करवाता उसके बाद सेंटर की लड़कियों के साथ दोस्ती करता और फिर उन्हें अपने प्यार के जाल में फंसा होटलों में ले जाता जहां वह उनकी अश्लील वीडियों बनाता था और उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करता। उसने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय की लड़कियों को अपना शिकार बनाया। भाजपा सांसद की शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, राज्यसभा सांसद अनिल बोंदे द्वारा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, नाबालिगों को WhatsApp और Snapchat group के माध्यम से सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया था। बोंदे ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि विशेष जांच दल (SIT) का गठन नहीं किया गया तो वे बुधवार सुबह SP office के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस बारे में सांसद को उस समय जानकारी मिली जब आरोपी अयान एक अश्लील वीडियो 50,000 रुपए बेचने की फिराक में था।
मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने भी पुलिस स्टेशन जाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और समुदाय की प्रतिष्ठा को धूमिल होने से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहम्मद अयाज़ कथित तौर पर पहले एआईएमआईएम के पदाधिकारी रह चुके हैं। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में, वे MIM के अमरावती अध्यक्ष हाजी इरफान खान से पत्र प्राप्त करते और पार्टी की रैलियों में सोशल मीडिया 'REEL' रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से ऐसे कई वीडियो हटा दिए गए हैं।
वहीं अब अहमद को बाद में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। पुलिस ने बताया कि इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि क्या इन वीडियो को प्रसारित करने में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल या शेयर न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे पीड़ितों को नुकसान हो सकता है। साइबर सेल की मदद से ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो की भी जांच की जा रही है।