Edited By Tanuja,Updated: 23 May, 2026 04:47 PM

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। यह दौरा क्वाड बैठक, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, चीन, पश्चिम एशिया संकट और भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने...
International Desk: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) शनिवार को चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है और इसे भारत-अमेरिका संबंधों में नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। रूबियो सबसे पहले कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने Missionaries of Charity के मुख्यालय मदर हाउस का दौरा किया। वहां उन्होंने सेंट टेरेसा को श्रद्धांजलि दी और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ननों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने निर्मला शिशु भवन और Victoria Memorial का भी दौरा किया। कोलकाता में उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार तैनात रहीं।
US Secretary of State Marco Rubio visits Mother House, headquarters of Missionaries of Charity founded by Mother Teresa, in Kolkata
First US Secretary of State to visit in 14 years. Visit comes after West Bengal's BJP government took office
Four-day India tour includes energy… pic.twitter.com/Mi0XSt0FmW
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) May 23, 2026
पीएम मोदी से मुलाकात
नई दिल्ली पहुंचने के बाद रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक करीब एक घंटे से अधिक चली। बैठक में कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती आक्रामकता, पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग तथा महत्वपूर्ण तकनीक और सप्लाई चेन शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और अमेरिका को बदलते वैश्विक माहौल में और मजबूत साझेदारी की जरूरत है। रूबियो की यात्रा का सबसे अहम हिस्सा नई दिल्ली में होने वाली क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान व ऑस्ट्रेलिया शामिल होंगे।
Happy to receive the US Secretary of State, Mr. Marco Rubio.
We discussed sustained progress in the India-US Comprehensive Global Strategic Partnership and issues related to regional and global peace and security.
India and the United States will continue to work closely for… pic.twitter.com/CuD0DdDXB7
— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
क्वाड को चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक रणनीतिक मंच माना जाता है। बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन, साइबर सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की गतिविधियों और दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। रूबियो की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और उसकी बड़ी ऊर्जा जरूरतें पश्चिम एशिया से पूरी होती हैं। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चर्चा को बेहद अहम माना जा रहा है। रूबियो ने भारत को “महान साझेदार” बताते हुए कहा कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
पिछले एक साल में भारत और अमेरिका के संबंधों में कई मुद्दों पर तनाव देखने को मिला था। भारत लगातार कहता रहा कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम दोनों देशों की सीधी बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। हालांकि पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने रिश्तों को सुधारने की दिशा में काम शुरू किया। अप्रैल में पीएम मोदी और ट्रंप के बीच लगभग 40 मिनट फोन पर बातचीत भी हुई थी।रूबियो सोमवार को Agra और Jaipur का भी दौरा करेंगे। इसके बाद मंगलवार को वे फिर दिल्ली लौटेंगे और क्वाड बैठक में हिस्सा लेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य राजनयिक यात्रा नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश है।