केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर टिकी बाजार की नजर, सोने की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव के आसार कम

Edited By Updated: 14 Jun, 2026 04:29 PM

markets are focused on central bank meetings with little chance of significant

दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी बैठकों, अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अगले सप्ताह सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक...

नेशनल डेस्क: दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी बैठकों, अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अगले सप्ताह सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ब्याज दर परिदृश्य के संकेतों के लिए बैंक ऑफ जापान, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठकों के साथ-साथ ब्रिटेन, यूरो क्षेत्र, जर्मनी और जापान के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीक नजर रखी जाएगी।

अमेरिका-ईरान समझौते को अंतिम रूप 
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को अंतिम रूप दिया जाना सर्राफा कीमतों के लिए प्रमुख कारक बना रहेगा। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के ईबीजी-जिंस एवं मुद्रा शोध के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, "अमेरिका-ईरान समझौते को अंतिम रूप दिए जाने पर करीबी नजर रहेगी। यदि समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं तो जोखिम वाली परिसंपत्तियों में तेजी का दौर बढ़ सकता है, जिससे सोने और चांदी को भी बल मिल सकता है।

घरेलू बाजार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज
हालांकि, किसी भी तरह का तनाव बढ़ना बाजारों के लिए नकारात्मक होगा।" घरेलू बाजार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलिवरी वाला सोना वायदा भाव सप्ताह के दौरान 5,066 रुपये अथवा 3.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जुलाई अनुबंध वाली चांदी 2,351 रुपये अथवा करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

अमेरिका-ईरान वार्ता से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव 
एलकेपी सिक्योरिटीज में जिंस एवं मुद्रा शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, "सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई और एमसीएक्स पर अगस्त वायदा अनुबंध का भाव तीन प्रतिशत से अधिक टूटकर 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक आ गया।" उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार को लेकर चिंताओं में कमी और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण पूरे सप्ताह सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा।

सर्राफा कीमतों को नुकसान
हालांकि, बाद में निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि ईरान के खिलाफ तत्काल कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। इससे सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी और सर्राफा कीमतों को नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, कॉमेक्स पर सोना का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 126.5 डॉलर अथवा करीब तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,238.8 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं चांदी 1.13 डॉलर अथवा 1.6 प्रतिशत टूटकर 67.97 डॉलर प्रति औंस रह गई।
 

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