Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 Feb, 2026 01:48 PM

मनोरंजन जगत के लिए शुक्रवार की सुबह एक बेहद बुरी खबर लेकर आई। भारतीय और नेपाली सिनेमा के दिग्गज कलाकार सुनील थापा (Sunil Thapa) का 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। जानकारी के मुताबिक अभिनेता को तड़के दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था जिसके बाद...
Sunil Thapa Death : मनोरंजन जगत के लिए शुक्रवार की सुबह एक बेहद बुरी खबर लेकर आई। भारतीय और नेपाली सिनेमा के दिग्गज कलाकार सुनील थापा (Sunil Thapa) का 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। जानकारी के मुताबिक अभिनेता को तड़के दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मुंबई की गलियों से शुरू हुआ था सफर
सुनील थापा भले ही नेपाल के सबसे बड़े सितारों में से एक थे लेकिन उनके अभिनय की शुरुआत मायानगरी मुंबई से हुई थी। साल 1981 में उन्होंने कमल हासन की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से अपने करियर का आगाज किया था। इसके बाद उन्होंने आज की आवाज और मानव हत्या जैसी कई हिंदी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।

प्रियंका चोपड़ा के कोच बनकर हुए मशहूर
हिंदी सिनेमा के आधुनिक दर्शकों के बीच सुनील थापा की सबसे यादगार भूमिका प्रियंका चोपड़ा स्टारर फिल्म 'मैरी कॉम' (2014) में थी। इस फिल्म में उन्होंने मैरी कॉम के सख्त लेकिन इमोशनल कोच 'एम. नरजीत सिंह' का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने 'बॉर्डर' और 'सरकार राज' जैसी बड़ी फिल्मों में भी काम किया।
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नेपाली सिनेमा के विलेन जिसने परिभाषा बदल दी
नेपाल में सुनील थापा एक सुपरस्टार थे। साल 1989 में आई फिल्म चीनो में उनके किरदार 'रेटे कैला' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों में काम किया। उन्हें विलेन के किरदारों को एक नई गरिमा देने के लिए जाना जाता था। टीवी की दुनिया में वह 'मेरी बस्सै' के 'शेर सिंह मामा' के रूप में बेहद लोकप्रिय थे।

दो देशों के बीच पुल थे थापा
सुनील थापा का जाना केवल नेपाल ही नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी एक बड़ी क्षति है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा समेत कई दिग्गज राजनेताओं और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में याद किया जा रहा है जिसने नेपाल और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को सिनेमा के जरिए मजबूती दी।