वांगचुक ने दिल्ली में गिरफ्तारियों की निंदा की, 'अघोषित आपातकाल' के खिलाफ भूख हड़ताल की चेतावनी दी

Edited By Updated: 10 Oct, 2026 09:32 PM

wangchuk condemned the arrests in delhi and warned of a hunger strike against an

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र और युवा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में स्थिति 'अघोषित आपातकाल' जैसी लग रही है। उन्होंने सरकार से गिरफ्तारियां...

नेशनल डेस्क : जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र और युवा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में स्थिति 'अघोषित आपातकाल' जैसी लग रही है। उन्होंने सरकार से गिरफ्तारियां रोकने और बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की।

वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो वह लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना देने, भूख हड़ताल करने या पदयात्रा निकालने पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की खबरों के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर यह संदेश साझा किया। ये गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई थीं। 

कॉजपा ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। वांगचुक ने अपनी पोस्ट में कहा, ''मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल के दौर से गुजरेगा।'' उन्होंने कहा, ''मुझे खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने सारे नेता मौजूद हैं, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुझे उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। यदि उन्हें कल तक रिहा नहीं किया गया, तो मैं अनशन या पदयात्रा निकालने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।''

वांगचुक ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें 'अघोषित आपातकाल' की निंदा करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ''मुझे पता चला कि आज (शनिवार) दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें छात्र नेता, युवा नेता, वकील, पत्रकार और यहां तक कि सांसद भी शामिल हैं।

कल जब मैंने आप सभी को आज के प्रदर्शनों के दौरान शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हुए संदेश भेजा था, तब मुझे विश्वास था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की निश्चित रूप से अनुमति दी जाएगी।'' प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और पाबंदियां लगाईं। प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार शामिल हैं। 

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