दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी बनने के 95वें वर्ष के अवसर पर मोदी नए पीएमओ भवन का करेंगे उद्घाटन

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 01:09 PM

modi to inaugurate new pmo building on 95th anniversary of delhi becoming nation

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नयी इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का आज यानी 13 फरवरी की उस ऐतिहासिक तारीख पर उद्घाटन करेंगे जब नयी दिल्ली को औपचारिक रूप से भारत की आधुनिक राजधानी बनाए जाने के 95 वर्ष पूरे होंगे।

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नयी इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का आज यानी 13 फरवरी की उस ऐतिहासिक तारीख पर उद्घाटन करेंगे जब नयी दिल्ली को औपचारिक रूप से भारत की आधुनिक राजधानी बनाए जाने के 95 वर्ष पूरे होंगे। नयी दिल्ली को 13 फरवरी, 1931 को देश की राजधानी बनाए जाने के समारोह के बाद से बहुत कुछ बदल चुका है। भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली, तीन साल बाद देश गणतंत्र बना और वह अब अपनी राह स्वयं तय कर रहा है।

इन निर्णायक पड़ावों के दौरान राजधानी के केंद्र में स्थित रायसीना हिल परिसर समय का मूक प्रहरी बनकर खड़ा रहा है। शुक्रवार को यह प्रतिष्ठित स्थल एक और महत्वपूर्ण घटना का साक्षी बनेगा जब इसके निकट स्थित नये पीएमओ भवन और कर्तव्य भवन 1 एवं कर्तव्य भवन 2 का उद्घाटन होगा। सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।

कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। जब मोदी सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन करेंगे, तो यह अवसर केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा क्योंकि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक 1931 से सत्ता के केंद्र रहे हैं। सरकार की योजना नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में इन प्रतिष्ठित इमारतों को 'युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' में परिवर्तित करने की है जो भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाला एक विश्व स्तरीय संग्रहालय होगा।

जब नयी दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी बनाया गया था तब उसका केंद्र रायसीना हिल परिसर था, जिसमें भव्य वायसरॉय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) और नॉर्थ ब्लॉक एवं साउथ ब्लॉक शामिल थे। नयी राजधानी की आधारशिलाएं एक सदी से अधिक पहले किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी ने रखी थीं और इसका उद्घाटन 13 फरवरी, 1931 को वायसराय लॉर्ड इरविन ने किया था। उस वर्ष उद्घाटन समारोह एक सप्ताह तक चला था।

इस दौरान तत्कालीन वायसराय ने 12 फरवरी को 'ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल आर्च' (जिसे अब इंडिया गेट के नाम से जाना जाता है) का भी उद्घाटन किया था जिसे प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तृतीय आंग्ल-अफगान युद्ध (1919) में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में बनाया गया था। वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और सर हर्बर्ट बेकर ने ब्रिटिश राज की नयी राजधानी का निर्माण किया जिसकी भव्यता एवं वास्तुकला यूरोप और अमेरिका के श्रेष्ठ शहरों के बराबर थी। दो विश्व युद्धों के बीच निर्मित इस शहर को बनने में 20 साल से अधिक का समय लगा। 

 

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