Edited By Mehak,Updated: 03 Feb, 2026 11:36 AM

दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना क्षेत्रों में यातायात सुधार के लिए सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना पर नया पुल बनाने या पुराने लोहे के पुल को बदलने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है। बढ़ते एक्सप्रेसवे और आरआरटीएस परियोजनाओं के...
नेशनल डेस्क : दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वी हिस्सों के संपर्क में सुधार करने और यातायात जाम की समस्या को कम करने के मकसद से सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना नदी पर एक नए पुल के निर्माण या पुराने लोहे के पुल को बदलने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह प्रस्ताव ट्रांस-यमुना बोर्ड द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बैठक के दौरान रखा गया था और योजना अभी प्रारंभिक चरण में है, जिसपर पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा, ''सरकार ट्रांस-यमुना क्षेत्र में संपर्क में सुधार लाने और उत्तर-पूर्वी, उत्तरी तथा मध्य दिल्ली के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए इस पर विचार कर रही है।'' अधिकारियों के अनुसार, 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) स्टेशन और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तैयार होने के साथ रिंग रोड पर खास कर सराय काले खां के पास जाम बढ़ने की आशंका है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फिलहाल रिंग रोड पर सराय काले खां के पास समाप्त होते हैं। जल्द ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का डीएनडी-सोहना (जेवार) लिंक भी शुरू होने वाला है। यहां एक अधिकारी ने कहा, ''इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार एक नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव देने की योजना बना रही है।
स्थान अभी तय नहीं हुआ है और इसपर विचार किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी पुराने वज़ीराबाद से कालिंदी कुंज तक के क्षेत्र का अध्ययन करके व्यवहार्यता का पता लगाएगी। लोहा पुल (लोहे का पुराना पुल) के निचले भाग में वाहनों और ऊपरी हिस्से पर ट्रेन की आवाजाही होती है। वर्तमान में यमुना नदी पर सड़क मार्ग और रेल मार्ग के लिए लगभग 25 पुल हैं।