G7 में मोदी-ट्रंप वार्ता के बाद USISPF का दावा, भारत और अमेरिका में जल्द हो सकती ऐतिहासिक ट्रेड डील

Edited By Updated: 18 Jun, 2026 01:07 PM

modi trump meeting signals final push for india us trade deal says usispf

फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मुलाकात से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि दोनों देशों ने लंबित व्यापार समझौते...

 

International Desk:  'अमेरिका-भारत रणनीतिक भागीदारी मंच' (USISPF) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बैठक से लंबित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के मजबूत संकेत मिले हैं। मोदी और ट्रंप ने बुधवार को फ्रांस के एवियॉन में आयोजित 'जी7' शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की। यह बैठक पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में आए तनाव को दूर करने के प्रयासों के बीच हुई। अघी ने कहा कि बैठक का माहौल कुल मिलाकर सकारात्मक रहा और इसमें सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के प्रयास दिखाई दिए।

 

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह एक सकारात्मक संदेश है कि वाशिंगटन और नयी दिल्ली, दोनों ही व्यापार समझौते को ''अंतिम रूप'' देने के लिए बातचीत में अपना सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर पिछले एक वर्ष में मंत्रिस्तरीय और नौकरशाही स्तर पर कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। अघी ने बताया कि ट्रंप ने निकट भविष्य में भारत आने पर सहमति जताई है जो नयी दिल्ली में चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) बैठक के केवल विदेश मंत्री स्तर तक सीमित रहने के बाद एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं को देखते हुए रक्षा सहयोग एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

 

अघी ने कहा, "ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों पर हुए हमले के बाद दोनों लोकतांत्रिक देश समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और नौवहन की आजादी के महत्व पर जोर दे रहे हैं।" कुछ दिन पहले ओमान की खाड़ी में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान एक मालवाहक जहाज पर सवार चालक दल के तीन भारतीय सदस्यों की मौत हो गई थी। अमेरिका-ईरान शांति समझौते का उल्लेख करते हुए अघी ने कहा कि यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा, खाड़ी क्षेत्र में रह रहे प्रवासी भारतीयों के हितों और होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी संभावित व्यवधान से प्रभावित वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की बहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!