स्कूल में भोजन करने के बाद 100 से ज्यादा बच्चे बीमार, गड़बड़ियां मिलने पर रसोईघर सील

Edited By Updated: 23 Jun, 2026 12:41 AM

more than 100 children fell ill after eating at school

इंदौर के एक निजी विद्यालय में दो दिन पहले दोपहर के भोजन के बाद करीब 110 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन ने सोमवार को शिक्षा संस्थान का रसोईघर सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

नेशनल डेस्क : इंदौर के एक निजी विद्यालय में दो दिन पहले दोपहर के भोजन के बाद करीब 110 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन ने सोमवार को शिक्षा संस्थान का रसोईघर सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ गड़बड़ियों का पता चला था जिसमें खाद्य सामग्री की इस्तेमाल की अवधि पूरी होना भी शामिल है। अधिकारियों बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर प्रशासन के गठित जांच दल ने बाईपास रोड स्थित शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल के झलारिया परिसर में जांच की।

अधिकारियों के मुताबिक विद्यालय के रसोईघर में उपयोग की जा रही विभिन्न खाद्य सामग्रियों और तैयार भोजन के कुल 23 नमूने एकत्र करके प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान रसोईघर में मसालों के 10 पैकेट और नमकीन के दो ऐसे पैकेट मिले जिनकी मियाद (एक्सपायरी डेट) पूरी हो चुकी थी। अधिकारियों ने बताया कि अलग-अलग गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के रसोईघर को अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया है।

अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) दीपक चौहान ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों ने शनिवार (20 जून) को नियमित रूप से परोसा जाने वाला दोपहर का भोजन किया था। उन्होंने बताया,''विद्यालय के करीब 110 बच्चों को शनिवार शाम से पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें शुरू हुईं। अगले दिन भी कई बच्चों में ये लक्षण सामने आए।'' चौहान ने बताया कि अभिभावकों से बातचीत के दौरान पता चला कि कई बच्चों को चिकित्सकों को दिखाया गया, जबकि कुछ अभिभावक स्वयं चिकित्सक होने के कारण बच्चों का उपचार घर में ही कर रहे थे। उन्होंने बताया, ''बच्चों में अब तक मुख्य रूप से उल्टी और पेट दर्द के लक्षण सामने आए हैं। फिलहाल कोई भी बच्चा अस्पताल में भर्ती नहीं है।''

एसडीएम ने बताया कि विद्यालय के रसोईघर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। विद्यालय की उप प्राचार्य कामायनी चौहान ने बताया कि शनिवार को बच्चों को दोपहर के भोजन में राजमा, एक सब्जी, चावल, रोटी और आइसक्रीम परोसी गई थी। उन्होंने कहा, ''हमारे विद्यालय में हर रोज 3,200 से ज्यादा लोग खाना खाते हैं। हम संस्थान में भोजन की उच्चस्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं।'' उप प्राचार्य ने बताया कि बच्चों के बीमार पड़ने की घटना की विद्यालय अपने स्तर पर भी जांच कर रहा है। 

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